दीवाली पर ढीली होगी जेब, GST से इतने फीसदी महंगी होंगी मिठाइयां
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देश भर में जीएसटी लागू होने के बाद अब दिवाली पर मिठाई खरीदने के लिए भी लोगों को जेब ढीली करनी पड़ेगी। जीएसटी से मिठाइयां 25 फीसदी तक महंगी होंगी। पटाखे और पूजा-पाठ का सामान भी जेब हल्की करेगा। त्योहारी सीजन को देखते हुए प्रदेश के हलवाइयों के साथ मिल्कफेड ने मिठाइयां बनाने का काम शुरू कर दिया है।
मिल्कफेड देसी से 300 क्विंटल मिठाइयां बनाएगा। इस दिवाली पर मिल्कफेड भी मिठाई के दाम में 5 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी कर रहा है। वहीं, बाहरी राज्यों से आनी वाली मिठाइयों के दाम में 20 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। हालांकि, मिल्कफेड दिवाली पर बाजार में दुकानों की तुलना सस्ती मिठाइयां देगा।
फेडरेशन का दावा है कि मांग आने पर करीब 50 टन तक मिठाइयों का उत्पादन कर सकता है। दिवाली पर मिठाई के दाम बढ़ने का कारण रॉ मैटीरियल के दामों में हुई बढ़ोतरी बताया जा रहा है। मिल्कफेड बाजार की मांग को लेकर अभी सिर्फ 3 टन ही मिठाइयां बना रहा है। अगर बाजार से और मांग आती है तो मिल्कफेड 50 टन तक और मिठाइयां बनाएगा।
मिल्कफेड बना रहा देसी मिठाइयां
मिल्कफेड लोगों की सेहत को देखकर मिठाइयां बना रहा है। मुख्य रूप से खोये वाली बर्फी बनाई जा रही है। गुलाब जामुन, पतीसा, रसगुल्ले, दूध की बर्फी, पेड़े और दूध से बनी कई मिठाइयां बना रहा है।
देसी घी की मिठाई की डिमांड कम
शहर से देसी घी की मिठाइयों की बहुत कम मांग आई है। ऐसे में मिल्कफेड डिमांड के अनुसार ही देसी घी की मिठाइयां बना रहा है। दावा किया है कि अगर देसी घी की मिठाइयों की और मांग आती है तो ही मिठाइयां बनना शुरू करेगा।
लैब से जांच करने के बाद तैयार होती है मिठाई
मिल्कफेड टुटू में दिवाली पर लोगों का खासा ध्यान रखा जा रहा है। फेडरेशन में मिठाई तैयार करने से पहले उसमें इस्तेमाल होने वाले खाद्य सामान की लैब में जांच की जा रही है। जांच में साफ होने के बाद ही उसे मिठाई के प्रयोग में इस्तेमाल किया जा रहा है।