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जीएसटी से रुकेगा उद्योगों का पलायन, खत्म होगी मंदी, बढ़ेगा कारोबार

Sat, 01 Jul 2017 12:35 PM IST
संतोष कुमार/अमर उजाला, बददी (सोलन)
संतोष कुमार/अमर उजाला, बददी (सोलन) Updated Sat, 01 Jul 2017 12:35 PM IST
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GST effects on Industries in Himachal.

देश के सबसे बड़े सुधार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रदेश में उद्योगों के पलायन रोकने के लिए अहम कड़ी साबित होगा। हालांकि जिन उद्योगपतियों ने तो यहां से जाने का मन ही बना लिया है, उन्हें तो कोई नहीं रोक सकता है, लेकिन देश में एक समान कर लगने से और हिमाचल की भौगोलिक स्थिति उद्योगों के अनुरूप और यहां के संसाधनों के चलते उद्योगों का पलायन रूक जाएगा।

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उद्योगों को अब दिक्कत आएगी तो वह मात्र माल भाड़े की होगी, क्योंकि दिल्ली, गुजरात, उत्तराखंड सहित अन्य प्रदेशों में भी एक टैक्स के लागू होने से बीबीएन के उद्योगों को अपना माल बाहरी राज्यों में पहुंचाने के लिए माल भाड़े की चिंता सताएगी, जिसके लिए हिमाचल सरकार को इसमें पहल करनी होगी, तभी उद्योगों को राहत मिलेगी। 
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शुक्रवार मध्यरात्रि से जीएसटी लागू होने को लेकर दो माह तक उद्योगों में आर्थिक संकट से छा गया और पुराने स्टॉक के सहारे ही उद्योग अपना उत्पादन करते रहे और नए आर्डर न आने से उद्योगों को नुकसान वहन करना पड़ा है।

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तेजी से मिलेंगे ऑर्डर, खत्म होने वाली है मंदी

GST effects on Industries in Himachal.

जीएसटी लागू हो जाने से अब उद्योगों में छाई आर्थिक मंदी के भी दूर होने की संभावनाएं है, क्योंकि मार्किट में पुराना स्टॉक खत्म हो गया है और नया स्टॉक किसी ने नहीं रखा है।

ऐसे में उद्योगों के पास अब आर्डर आएंगे, जिससे उद्योगों का कामकाज सामान्य हो जाएगा और आर्थिक संकट भी दूर होगा और प्रदेश के करीब 4200 छोटे बड़े उद्योगों का कारोबार भी सामान्य हो जाएगा।

एक माह पहले आ जाना चाहिए था जीएसटी प्रारूप

GST effects on Industries in Himachal.

उद्योगपतियों का कहना है कि जीएसटी लागू हो रहा है, उसका वह स्वागत करते है, लेकिन जीएसटी में नित नए संशोधन करने से इसके खंडों व इसमें दिए गए टैक्सों की जानकारी भी सही ढंग से नहीं मिल पाई है।

जीएसटी के तहत पंजीकरण और नई बिल बुकों, खरीद व बेचने के रिकार्ड के दस्तावेज भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाए है, इसका असर उद्योगों पर पड़ रहा है, लेकिन जीएसटी लागू होने के उपरांत धीरे धीरे सब कुछ सामान्य हो जाएगा, जिसकी उद्योगपति उम्मीद कर रहे है।

प्रदेश के बड़े औद्योगिक संघ बीबीएनआई के अध्यक्ष सैलेश अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी का उद्योग जगत स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी का प्रारूप कम से कम एक माह पहले आना चाहिए था, फिर भी बीबीएनआईए ने पिछले छह माह में 10 सेमीनार लगाकर उद्योगपतियों को जागरूक बनाया है।

उन्होंने उद्योगों के पलायन रोकने के लिए प्रदेश सरकार से माल भाड़े में स्थिरता लान की पूरजोर मांग की है, ताकि उद्योगों को जीएसटी के साथ माल भाड़े में राहत मिल सके और वह दसरे राज्यों की तरह मार्किट में कंपीट कर सके।

हिमाचल दवा निर्माता संघ के अध्यक्ष एचएन सिंगला ने कहा कि जीएसटी उद्योग जगत के लिए लाभदायक साबित होगा और थोड़ी समस्या अवश्य आई है, लेकिन अब उद्योगों को राहत मिलेगी, क्योंकि मार्किट से स्टॉक खत्म हो गया है और नए आर्डर उद्योगों को मिलेगे।

उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी मिले है और उद्योग जगत के हित में कई समस्याओं को हल करने की उनसे मांग की गई है, जिस पर उन्होंने भी उद्योग जगत के लिए सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। 

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