बाली बोले, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिलाने के लिए सीएम को करूंगा राजी
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परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि बेरोजगारी भत्ता देना कोई मेरा राजनीतिक नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक मुद्दा है। इसके लिए मेरा सभी समर्थन कर रहे हैं। बेरोजगारी भत्ता पार्टी के घोषणापत्र में शामिल था। इसे रिलीज भी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया था।
वह एक बार फिर से मुख्यमंत्री से बात कर उन्हें इसके लिए राजी करेंगे। छात्रों को मुफ्त यात्रा दी जा रही है। बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया जाएगा तो यह ठीक नहीं। मुझे यह सही नहीं लगता। धर्मशाला में प्रेस वार्ता में बाली बोले - बेरोजगारों के इस मुद्दे को 1998 से उठाते रहे हैं।
चिंतित हूं कि प्रदेश में वर्तमान में 13 प्रतिशत युवा बेरोजगार हैं। इससे लगता है कि कहीं बेरोजगारों के लिए नीति बनाने में चूक तो नहीं हो गई। पंजाब सरकार बेरोजगारों को 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ता दे रही है। उत्तराखंड में भी बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर युवाओं से वायदा किया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री विप्लव ठाकुर के संगठन में नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर साधे गए निशाने पर बाली बोले - इस मामले पर पार्टी में मिल बैठकर चर्चा की जाएगी।
बाली बोले - विपक्ष में रहते बेरोजगारों के लिए ठोस नीति बनाने का मुद्दा उठाया था। उस वक्त मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और स्पीकर ने चुप करा दिया था।
बाली बोले, निक्कमा नहीं, नौकरी के लिए सक्षम होगा युवा
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बयान पर बाली बोले - बेरोजगारी भत्ता देने से युवा निक्कमा नहीं, बल्कि रोजगार पाने में सक्षम होगा। पढ़े-लिखे बेरोजगारों को 1000 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता मिलेगा तो वे इसे नौकरियों के लिए आवेदन और साक्षात्कार की तैयारी पर खर्च कर सकेंगे।
बोले - मैं खुद व्यक्तिगत रूप से बेरोजगारों की आर्थिक मदद करूंगा। कहा कि प्रदेश में हिमाचल यूनाइटेड यूथ मूवमेंट के सहयोग से बेरोजगारी समाप्त करने की दिशा में जबरदस्त आंदोलन शुरू किया जाएगा।
हम के सहयोग से होगा युवा-महिला सम्मेलन
बाली ने दोहराया कि बेरोजगारी के मुद्दे पर 25 मार्च को नगरोटा बगवां में विशाल युवा महिला सम्मेलन होगा। हिमाचल यूनाइटेड यूथ मूवमेंट के सहयोग से धर्मशाला में भी सम्मेलन होगा।
महीने में तीन दिन सचिवालय में बैठूंगा
धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने को लेकर बाली ने कहा कि सीएम की घोषणा का वह स्वागत करते हैं। इसे अमलीजामा पहनाने वे खुद आगे आएंगे। उन्होंने निर्णय लिया है कि बजट सत्र के बाद वे अप्रैल से हर महीने कम से कम तीन दिन मिनी सचिवालय धर्मशाला में उपलब्ध रहेंगे।