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सीमा सड़क संगठन: तीन साल में नए सिरे से तैयार होगी चीन सीमा से सटी ग्रांफू-समदो सामरिक सड़क
Mon, 25 Apr 2022 11:29 AM IST
अरविन्द ठाकुर
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 25 Apr 2022 11:29 AM IST
सार
बीआरओ (दीपक प्रोजेक्ट) ने ग्रांफू-काजा-समदो सड़क का सर्वे कर लिया है। बताया जा रहा है कि जहां से यह सड़क गुजरेगी, उसमें 150 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की आती है। इसलिए बीआरओ ने यह मामला केंद्रीय वन मंत्रालय से उठाया था।
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समदो-काजा-ग्रांफू सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चीन सीमा से सटी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ग्रांफू-समदो सड़क के नए सिरे से निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय वन मंत्रालय ने इसकी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। मंत्रालय ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को इसके बारे में सूचित कर दिया है। बीआरओ अक्तूबर से 205 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर देगा और अगले तीन साल में यानी 2025 तक इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
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सड़क तैयार होने के बाद सेना के जवान मात्र पांच घंटों में मनाली से समदो पहुंच सकेंगे। सड़क की चौड़ाई 5.5 मीटर की जाएगी, जिससे सेना के वाहन आसानी से आ-जा सकेंगे। अभी जो सड़क है, उसकी हालत बहुत ज्यादा खराब है और सड़क संकरी भी है, जिससे सेना के वाहन मनाली से समदो तक करीब नौ घंटों में पहुंचते हैं। देश की सुरक्षा के लिए चीन सीमा पर डटे सेना के जवानों के लिए युद्ध, राशन और अन्य सामग्री इसी सड़क से होकर जाती है।
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बीआरओ (दीपक प्रोजेक्ट) ने ग्रांफू-काजा-समदो सड़क का सर्वे कर लिया है। बताया जा रहा है कि जहां से यह सड़क गुजरेगी, उसमें 150 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की आती है। इसलिए बीआरओ ने यह मामला केंद्रीय वन मंत्रालय से उठाया था। सड़क की सामरिक दृष्टि से उपयोगिता को देखते हुए अब केंद्रीय वन मंत्रालय ने इसके निर्माण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
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140 किलोमीटर सड़क की हालत खस्ता
अभी जो मार्ग है, उसका 140 किलोमीटर हिस्सा खस्ताहाल है। पहले इस सड़क की देखरेख का जिम्मा बीआरओ के पास था। वर्ष 2015-16 में इस सड़क को बनाने का काम केंद्र ने प्रदेश सरकार को सौंपा दिया, लेकिन प्रदेश सरकार इस कार्य को आगे नहीं बढ़ा पाई। इसलिए इस सड़क का जिम्मा फिर से बीआरओ को दे दिया।