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जेपी, अंबुजा सीमेंट पर कार्रवाई की मंजूरी

Wed, 04 Jun 2014 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 04 Jun 2014 11:54 PM IST
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govt will take action against jaypee and ambuja cement over irregularities

हिमाचल सरकार ने जेपी और अंबुजा सीमेंट फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। उद्योग निदेशालय, विद्युत बोर्ड, राज्य पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित अन्य महकमे अपने-अपने स्तर पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।

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सूबे के उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार शाम मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से चर्चा करने के बाद यह कदम उठाया। सीमेंट फैक्ट्रियों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है।
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उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को सचिवालय स्थित अपने कक्ष में अफसरों की एक बैठक ली, जिसमें जेपी और अंबुजा सीमेंट फैक्ट्रियों की ओर से बरती जा रही अनियमितताओं को लेकर चर्चा की। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लेकर उद्योग निदेशालय की ओर से अपने-अपने इनपुट उपलब्ध कराया गया।
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इस दौरान अफसरों ने बताया कि जेपी कंपनी ने अपनी फैक्ट्रि में क्षमता से अधिक सीमेंट का उत्पादन कर रही है। इसके लिए पर्यावरण की मंजूरी भी नहीं ली गई।

फैक्ट्री में 2.05 मिलियन टन क्षमता सीमेंट उत्पादन करने के लिए लाइसेंस लिया था, लेकिन मौके पर 3.46 मिलियन टन सीमेंट का उत्पादन किया जा रहा है। मामला संज्ञान में आने के बाद अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए जेपी ने सिंगल विंडो के जरिए आवेदन मूव कर दिया।

इसी प्रकार अंबुजा ने कोल पिट स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो के लिए आवेदन किया था, लेकिन अफसरों ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि कोल पिट फैक्ट्री में पहले से ही स्थापित है।

उद्योग मंत्री की बैठक में प्रधान सचिव आबकारी एवं कराधान श्रीकांत बाल्दी, प्रधान सचिव उद्योग आरडी धीमान, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव विनीत कुमार, उद्योग निदेशालय के निदेशक राजेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सरकार क्यों हुई तल्ख

सीमेंट फैक्ट्रियों की ओर से हिमाचल में मनमर्जी तरीके से सीमेंट की दरों में बढ़ोत्तरी की जा रही थी। इस बढ़ोत्तरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से निर्देश दिया गया। इसके बावजूद सरकार के आदेशों की सीमेंट फैक्ट्रियों ने अनदेखी की। इसके साथ ही सीमेंट फैक्ट्रियों के साथ सरकार की तल्खी शुरू हुई। ऐसे में सरकार ने कार्रवाई करने का कदम उठाकर यह संकेत देने की कोशिश की है कि चोरी और सीना जोरी दोनों एक साथ नहीं चल सकता।


दस किलोमीटर पर 60 रुपये का अंतर
सीमेंट के बोरियों पर महज 10 किलोमीटर की दूर पर 60 रुपये का अंतर है। जहां हरियाणा के कालका में 60 रुपये कम पर प्रति बोरी सीमेंट की बिक्री की जा रही है, वहीं हिमाचल प्रदेश में सीमेंट कंपनियों 60 रुपये अधिक दर पर बेची जा रही है। इससे हिमाचल में कांग्रेस सरकार की लगातार किरकिरी हो रही थी।

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