{"_id":"5e04c0198ebc3e878e3828d3","slug":"govt-will-now-take-bank-guarantee-and-fd-while-giving-liquor-license","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल में शराब लाइसेंस देते समय अब बैंक गारंटी और एफडी लेगी सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल में शराब लाइसेंस देते समय अब बैंक गारंटी और एफडी लेगी सरकार
Fri, 27 Dec 2019 10:00 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 27 Dec 2019 10:00 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शराब ठेके का संचालन करने के दौरान लाइसेंस लेने के लिए अब ठेकेदारों को बैंक गारंटी और एफडी देनी पड़ेगी। नए वित्त वर्ष के लिए नई शराब नीति में कई तरह के बदलाव किए जाएंगे, जिनमें जमीन के बजाय एफडी लेने के अलावा शराब ठेके को टीनशेड के बजाय आकर्षक बनाने की शर्त जोड़ी जाएगी। हाल में ठेकेदारों व अफसरों के साथ हुई बैठकों के बाद विभाग ने शराब नीति में बदलाव की कवायद शुरू कर दी है। दरअसल, पिछले कुछ सालों में विभिन्न ठेकेदारों के पास सरकार के करीब ढाई सौ करोड़ रुपये की रिकवरी फंस गई है।
विज्ञापन
लाइसेंस लेने के दौरान चूंकि पहले जमीन के दस्तावेज लिए जाते थे और जमीन को जब्त करने में कई तरह के कानूनी व्यवधान थे। लिहाजा, विभाग न तो रिकवरी कर पा रहा है और न ही जमीन को अधिगृहीत किया जा पा रहा है। इस परेशानी को देखते हुए आबकारी विभाग अब वर्तमान शराब नीति में बदलाव करने की तैयारी में जुट गया है। प्रमुख सचिव आबकारी संजय कुंडू ने बताया कि कई मामलों में रिकवरी के दौरान कुछ परेशानियां सामने आई थीं जिसके बाद आबकारी नीति में बदलाव कर संपत्ति दस्तावेज के बजाय बैंक गारंटी या फिक्स डिपॉजिट लेने पर विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन