{"_id":"8603477401793ced46b7fb20d798da5b","slug":"govt-school-sanjauli-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिर प्राइमरी स्कूल में शुरू हो ही गया टॉयलेट का निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिर प्राइमरी स्कूल में शुरू हो ही गया टॉयलेट का निर्माण
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 02 Dec 2014 12:11 PM IST
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राजधानी शिमला के सबसे बड़े उपनगर संजौली स्थित प्राइमरी स्कूल में आखिर टॉयलेट का निर्माण कार्य शुरू हो ही गया। परिसर में स्कूल प्रबंधन, एसएमसी और मंदिर कमेटी के सहयोग से निर्माण कार्य चल रहा है। ‘अमर उजाला’ ने स्कूल में वर्षों से शौचालय की सुविधा नहीं होने से छात्र-छात्राओं को पेश आ रही समस्याओं को प्रमुखता के साथ कई दिन तक प्रकाशित किया।
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खबरें छपने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और स्कूल में टॉयलेट निर्माण के लिए डेढ़ लाख रुपये की राशि मंजूर की। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इस राशि से स्कूल प्रबंधन निर्माण कार्य में जुट गया। इस स्कूल में छात्रों की अपेक्षा छात्राएं अधिक संख्या में पढ़ रही हैं। इनमें 124 बच्चों में 74 से अधिक बच्चियां हैं।
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पहली से पांचवीं तक के 6-12 साल के इन मासूम बच्चों को जंगल जाकर शौच और लघुशंका के लिए झाड़ियों की ओट तलाशनी पड़ती है। दशकों पुराने इस स्कूल में अभी भी बच्चों को जंगलों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बीईईओ रणधीर शर्मा ने कहा कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। शीघ्र ही बच्चों को शौचालय की सुविधा स्कूल परिसर में मिल जाएगी।
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‘अमर उजाला’ ने सबसे पहले 20 सितंबर को खुले आसमान के नीचे शर्मिंदा हो रहे स्कूली बच्चे शीर्षक से समस्या को उजागर किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दूसरे ही दिन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश भर के सभी स्कूलों में टॉयलेट बनाने और जिन स्कूलों में शौचालय नहीं हैं, उनकी जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए उड़नदस्तों के निर्माण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद विभाग टॉयलेट निर्माण को लेकर औपचारिकताएं पूर्ण करने में गंभीरता नजर नहीं आ रही थी। विभाग की उदासीनता और अभिभावकों की बच्चों के प्रति असुरक्षा की भावना को लेकर फिर से खबरें की गईं। एक महीने बाद विभाग ने टॉयलेट निर्माण के लिए डेढ़ लाख रुपये मंजूर किए।