बहुतकनीकी कॉलेज मामला: उत्तर पुस्तिकाओं पर कोडिंग की जगह लिखे थे रोलनंबर
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राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज बड़ू में छात्रों को जानबूझ कर फेल करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरटीआई से ली जानकारी में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। नियमों के तहत सेमेस्टर परीक्षाओं में परीक्षार्थियों की पहचान गोपनीय रखने को उत्तर पुस्तिकाओं पर कोडिंग होती है, लेकिन पीड़ित छात्र पंकज ने जब आरटीआई से उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां लीं तो उसमें हाथ और प्रिंटेड रोलनंबर पाए गए। इससे स्पष्ट होता है कि परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी हुई है।इलेक्ट्रिकल छठे सेमेस्टर के छात्र पंकज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले की सीबीआई और विजिलेंस जांच करवाने की मांग की है।
आरटीआई में कहा कि कॉलेज ने अध्यापकों की हाजिरी के लिए बायोमिट्रिक मशीन 22 दिसंबर, 2016 को खरीदी और उसी दिन संस्थान में स्थापित भी की। संस्थान ने कहा कि यह मशीन कभी खराब नहीं हुई। जब दिसंबर, 2018 तक अध्यापकों की हाजिरी की जानकारी मांगी तो संस्थान ने जवाब में कहा कि इसे 22 अप्रैल, 2019 को स्थापित किया गया। इसके चलते दिसंबर 2018 तक हाजिरी का कोई रिकॉर्ड संस्थान में उपलब्ध नहीं है।
आरटीआई में दिए जवाब में कई जगह भिन्नता है। पंकज ने कहा कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के नियमों के मुताबिक कॉलेज प्रिंसिपल को सप्ताह में करीब पांच कक्षाएं लेना अनिवार्य है, लेकिन आरटीआई में जवाब दिया कि ऐसी कोई नियमावली संस्थान में उपलब्ध नहीं।
अगस्त 2018 से दिसंबर 2018 तक प्रिंसिपल ने एक भी क्लास नहीं ली। संस्थान में 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन कितने चालू हालत में इसकी जानकारी नहीं। पंकज ने कहा कि अगर इस मामले में सख्त कार्रवाई न हुई तो भविष्य में कोई भी विद्यार्थी किसी संस्थान में सुधार के लिए मांग नहीं उठा पाएंगे।
राजकीय बहु तकनीकी कॉलेज बडू हमीरपुर के प्रधानाचार्य दिनेश शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी ने आरटीआई में सूचना संयुक्त निदेशक से प्राप्त की हैं। इसकी जानकारी नहीं हैं। वह इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते।