10 साल पहले हुई भर्ती की सीबीआई जांच कराए सरकार: राज्यपाल
एक दशक पहले हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) में हुई कंडक्टर भर्ती पर विवाद हो गया है। पिछले हफ्ते राजभवन को मिली एक शिकायत के आधार पर राजभवन ने राज्य सरकार को भर्ती की सीबीआई जांच कराने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2003-2004 में एचआरटीसी ने कंडक्टरों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। भर्ती के लिए हजारों आवेदन आए। ट्रेनिंग करवाने के बाद करीब साढ़े चार सौ कंडक्टरों को नियुक्ति दे दी गई।
लेकिन भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के 12 साल बाद यह विवादों में घिर गई है। राजभवन ने गृह विभाग को इस भर्ती प्रक्रिया की जांच कराने के आदेश देकर भर्ती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजभवन को मंडी जिले के सरकाघाट निवासी कुलदीप सिंह ठाकुर ने भर्ती में घोटाले की शिकायत की थी। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर अयोग्य लोगों को नियुक्ति दी गई है।
भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की इस शिकायत का राजभवन ने संज्ञान लेते हुए जांच के लिए प्रदेश के गृह विभाग को पत्र लिखा है। साथ ही कार्रवाई करने के बाद शिकायतकर्ता और राजभवन को सूचित करने को कहा है। राजभवन के इस आदेश पर फिलहाल गृह विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही कोई अधिकारी शिकायत पर कुछ बोलने को तैयार है। लेकिन राजभवन के एक बार फिर एक्टिव होने से राज्य सरकार की मुश्किल बढ़ना तय माना जा रहा है।
पिछले हफ्ते जारी हुए थे निर्देश
राजभवन के सचिव की तरफ से मामले से संबंधित शिकायती पत्र के साथ जांच करने के निर्देश पिछले हफ्ते जारी हुए थे। हफ्ता भर बीत जाने के बाद भी न तो गृह विभाग के आला अधिकारी जानकारी जुटा पाए हैं और न ही अब तक जांच शुरू हो सकी है।
मामला मेरी जानकारी में नहीं है।
हाल में हुई भर्ती पर भी उठ चुके हैं सवाल- एचआरटीसी ने कौशल विकास भत्ते के तहत जनवरी 2015 में बेरोजगार युवाओं से कंडक्टर प्रशिक्षण के लिए आवेदन मांगे थे। 9000 युवाओं ने इसके लिए आवेदन किया था।
एचआरटीसी ने पहले चरण में 700 युवाओं का चयन कर प्रशिक्षण देना शुरू किया लेकिन इस बीच मामला विवादों में घिर गया। इसके बाद हाईकोर्ट में काफी समय तक सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले का निपटारा किया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह पीसी धीमान ने कहा कि कंडक्टर भर्ती से संबंधित राजभवन के किसी पत्र की जानकारी नहीं है। जब तक जानकारी नहीं आती और निर्देश पत्र पढ़ न लूं, तब तक कुछ भी नहीं कह सकता।