राज्यपाल की ये मांग मान ली मोदी ने तो हिमाचल में बढ़ेगा सेना भर्ती कोटा
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राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि हिमाचल के लिए सेना भर्ती कोटा बढ़ाने की मांग को वह जनसंख्या के आधार पर नहीं बल्कि वीरता के आधार पर केंद्र के समक्ष रखने में सहयोग करेंगे। धर्मशाला कॉलेज के ऑडिटोरियम में पूर्व सैनिक लीग के वार्षिक सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि हिमाचल में एनडीए अकादमी खोली जानी चाहिए। इससे हिमाचल के युवा सेना में अफसर बनेंगे। सेना में खाली पड़े हजारों अफसरों के पद भरेंगे।
हिमाचल जितनी देवभूमि है, उतनी ही वीर भूमि भी है। सम्मेलन में परमवीर चक्र विजेता नायब सूबेदार संजय कुमार, मेजर सोमनाथ शर्मा की भतीजी राधिका शर्मा, कैप्टन धन सिंह थापा के भतीजे कैप्टन विजेंदर सिंह कार्की और कैप्टन विक्रम बतरा के पिता जीएल बतरा को राज्यपाल ने सम्मानित किया। इसके अलावा कारगिल हीरो शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के पिता डॉ. एनके कालिया और अशोक चक्र विजेता शहीद सुधीर वालिया को भी सम्मानित किया गया।
पूर्व सैनिक लीग के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह ने कहा कि बहादुरी पुरस्कारों में भी हिमाचलियों की संख्या अधिक है। इसलिए हिमाचल के युवाओं के लिए अलग से भर्ती कोटा होना चाहिए। बलबीर सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक संगठन गैर राजनीतिक संगठन है। हम सरकार के साथ हैं न कि किसी पार्टी के साथ हैं।
मोदी का आभार, पूर्व सैनिक बोले- जरूरत पड़ी तो जाएंगे कश्मीर
पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आजादी के बाद किसी सरकार ने पूर्व सैनिकों को सम्मान दिया। वन रैंक- वन पेंशन का लाभ देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना वायदा निभाया। पहले भी पांच प्रधानमंत्रियों ने यह वायदा पूर्व सैनिकों से
किया था लेकिन निभाया किसी नहीं। यह हिम्मत सिर्फ नरेंद्र मोदी ने ही दिखाई। इसके लिए पूर्व सैनिक प्रधानमंत्री के आभारी हैं। पूर्व सैनिकों ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे फिर से कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ बंदूक उठाएंगे।
कोटा बढ़ने से युवाओं को मिलेगी राहत: मनकोटिया
लीग के प्रदेश अध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने कहा कि वर्ष 1971 से पहले सेना में हिमाचल का भर्ती कोटा ज्यादा था। इसके बाद कोटा यह कहकर घटा दिया गया कि हिमाचल की जनसंख्या कम है।
हिमाचल की बहादुरी के देश भर में चर्चे हैं। हिमाचल में बेरोजगारी ज्यादा है। बीए, एमए करने के बाद युवाओं नौकरी नहीं मिल रही है। फौज में भर्ती कोटा बढ़ाने से हिमाचल के हिम्मत वाले युवाओं को रोजगार मिलेगा। ऐसे में हिमाचल का कोटा बढ़ाया जाना चाहिए।