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राज्यपाल ने नवाजे 63 अफसर-कर्मी और चार बहादुर
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 22 Aug 2017 11:15 AM IST
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राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राजभवन में आयोजित अलंकरण समारोह में हिमाचल प्रदेश पुलिस, गृह रक्षा और अग्निशमन विभागों के 63 अधिकारियों-कर्मचारियों को विशिष्ट सेवाओं के लिए मेडल और चार को जीवनरक्षा पदक प्रदान किए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
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राज्यपाल ने विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक के 5 और सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक के लिए 27 विजेताओं को नवाजा। सराहनीय कार्य के लिए अग्निशमन सेवा व गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा पदक से 28 कर्मियों को अलंकृत किया गया। जीवन रक्षा के लिए चार पदक व तीन को जेल सेवा पदक प्रदान किए गए।
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राज्यपाल ने जीवनरक्षा पुरस्कार से सम्मानित शिल्पा शर्मा की बहादुरी की चर्चा करते हुए कहा कि अपने जीवन की परवाह किए बिना कुमारी शिल्पा ने तेंदुए के मुंह से अपने भाई की जान बचाकर जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, वह दूसरों के लिए उदाहरण है।
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विजेताओं को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि देशवासियों को इनकी बहादुरी पर गर्व है और इनके सराहनीय कार्यों से अन्यों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने हर विभाग से इस तरह के कार्यक्रम को प्रतिवर्ष आयोजित करने को भी कहा। इस मौके पर प्रधान सचिव गृह प्रबोध सक्सेना ने कार्यवाही का संचालन किया।
मुख्य सचिव वीसी फारका, मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान, पुलिस महानिदेशक सोमेश गोयल, अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण श्रीधर और पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
नशा मुक्त हिमाचल अभियान में योगदान की अपील
राज्यपाल ने हाल ही के दिनों में नशे के कारण प्रदेश में घटित कुछ वारदातों का जिक्र करते हुए कहा कि हर अपराध की जड़ नशा है, जिससे हमें भावी पीढ़ी को सचेत करने की आवश्यकता है।
राज्यपाल के तौर पर उन्होंने नशा मुक्ति के लिए प्रदेश में अभियान छेड़ा है क्योंकि इस बुराई के चलते प्रदेश कभी भी विकास के पथ पर आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति नशा मुक्त प्रदेश के इस अभियान को आगे बढ़ाए।