किसानों के लिए डीबीटी नीति बनाएगी हिमाचल सरकार: वीरेंद्र
हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश के किसानों को लाभान्वित करने के लिए राज्य में जल्द ही प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) नीति लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य अनुदान राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे स्थानांतरित करना है। इससे धोखाधड़ी से बचा जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन पारदर्शिता प्रक्रिया और स्वीकृति के लिए ई-पोर्टल विकसित किया जाए ताकि किसानों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े। किसानों को मिट्टी परीक्षण, खाद और पौध संरक्षण लाइसेंस आदि के बारे में भी जागरूक किया जाए।
युवाओं को प्रशिक्षित और बच्चों में खेती के मूल्यों को विकसित करना चाहिए, ताकि वे कृषि को व्यवसाय को अपनाएं। मंत्री ने प्रदेश में ही बीज तैयार करने पर भी बल लिया। बीजों और कीटनाशक दवाइयों पर अनुदान लेने की सुविधा होगी। अब तक अच्छी किस्मों के 25740 क्विंटल मक्की, धान और विभिन्न प्रकार की सब्जियों के बीज और चारा बीज वितरित किए हैं। 129000 क्विंटल गेहूं, जौ, बरसीम, दलहन, तिलहन के बीज किसानों को उपलब्ध करवाए गए। इसमें से 40,846.45 क्विंटल गेहूं का बीज प्रदेश में तैयार किया है।
बेसहारा गोवंश को टैग लगाए जाएं: कंवर
मंत्री ने गोसेवा आयोग के कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बेसहारा गोवंश को टैग लगाए जाएं और जो भी गोवंश को लगाए गए टैग के साथ छेड़छाड़ करते हैं, उनके खिलाफ सजा का प्रावधान किया जाएगा। भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष डॉ. सोम देव शर्मा ने इस अवसर पर विचार साझा किए। उपाध्यक्ष भारतीय किसान संघ भरत राम पटियाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह, निदेशक कृषि डॉ. नरेश कुमार बधान, निदेशक बागवानी जेपी शर्मा, निदेशक पशुपालन डॉ. अजमेर डोगरा, गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा इस दौरान मौजूद रहे।