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Shimla News: यूजीसी के नए वेतनमान का एरियर जारी करवाए सरकार
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शिक्षक कल्याण संघ ने किया आग्रह
शिक्षकों को प्रमोशन न दिए जाने का जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (हपुटवा) ने लंबित मांगों को जल्द पूरा करने का आग्रह किया है। संघ की बुधवार को हुई इस बैठक की अध्यक्षता हपुटवा के अध्यक्ष नितिन व्यास ने की।
बैठक में शिक्षकों को 2016 में दिए यूजीसी वेतनमान के एरियर के भुगतान की मांग की गई। हपुटवा के अध्यक्ष नितिन व्यास ने कहा कि सरकार की अधिसूचना के अनुसार कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों को प्रमोशन नहीं दी जा सकती। इसको लेकर शिक्षकों में रोष है। चार वर्षों से कॉलेज और महाविद्यालय के शिक्षकों की प्रमोशन रुकी हुई हैं। सरकार के इस निर्णय का शिक्षकों ने विरोध किया। बैठक में कहा गया कि दस अक्तूबर 2014 के बाद कॉलेज और विवि के शिक्षकों की पीएचडी इंक्रीमेंट को समाप्त कर दिया है, यह तर्क संगत नहीं है।
आरोप लगाया कि विवि में शिक्षकों के सरकारी आवास आवंटन में भाई-भतीजावाद किया जा रहा है। हाल ही में एक सहायक आचार्य को बिना रोटेशन या वरिष्ठता को ध्यान में रखकर सरकारी आवास आवंटित किया गया। उन्होंने विवि प्रशासन से इस आवंटन को रद्द करने की मांग की। हपुटवा ने कड़े शब्दों में शिक्षक विरोधी निर्णयों के खिलाफ लामबंद होने के साथ आंदोलन की शुरुआत करने की बात कही। बैठक में निर्णय लिया कि पहले चरण में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक काले बिल्ले लगाकर रोष प्रकट करेंगे। दूसरे चरण में शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष, मुख्यमंत्री और उसके बाद राज्यपाल के समक्ष शिक्षकों की मांगों को रखेगा।
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शिक्षकों को प्रमोशन न दिए जाने का जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (हपुटवा) ने लंबित मांगों को जल्द पूरा करने का आग्रह किया है। संघ की बुधवार को हुई इस बैठक की अध्यक्षता हपुटवा के अध्यक्ष नितिन व्यास ने की।
बैठक में शिक्षकों को 2016 में दिए यूजीसी वेतनमान के एरियर के भुगतान की मांग की गई। हपुटवा के अध्यक्ष नितिन व्यास ने कहा कि सरकार की अधिसूचना के अनुसार कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों को प्रमोशन नहीं दी जा सकती। इसको लेकर शिक्षकों में रोष है। चार वर्षों से कॉलेज और महाविद्यालय के शिक्षकों की प्रमोशन रुकी हुई हैं। सरकार के इस निर्णय का शिक्षकों ने विरोध किया। बैठक में कहा गया कि दस अक्तूबर 2014 के बाद कॉलेज और विवि के शिक्षकों की पीएचडी इंक्रीमेंट को समाप्त कर दिया है, यह तर्क संगत नहीं है।
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आरोप लगाया कि विवि में शिक्षकों के सरकारी आवास आवंटन में भाई-भतीजावाद किया जा रहा है। हाल ही में एक सहायक आचार्य को बिना रोटेशन या वरिष्ठता को ध्यान में रखकर सरकारी आवास आवंटित किया गया। उन्होंने विवि प्रशासन से इस आवंटन को रद्द करने की मांग की। हपुटवा ने कड़े शब्दों में शिक्षक विरोधी निर्णयों के खिलाफ लामबंद होने के साथ आंदोलन की शुरुआत करने की बात कही। बैठक में निर्णय लिया कि पहले चरण में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक काले बिल्ले लगाकर रोष प्रकट करेंगे। दूसरे चरण में शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष, मुख्यमंत्री और उसके बाद राज्यपाल के समक्ष शिक्षकों की मांगों को रखेगा।
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