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Shimla News: चमियाना अस्पताल पर ताजा स्टेटस रिपोर्ट दे सरकार
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डिजिटल पर न चलाएं
हाईकोर्ट ने सरकार को दिए अस्पताल को चलाने में आ रहीं दिक्कतों को दूर करने के निर्देश
हाईकोर्ट में अब मामले की अगली सुनवाई 18 जून को होगी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना को चलाने में आ रहीं दिक्कतों को दूर करने के संबंधित सरकारी विभागों को निर्देश दिए हैं।
अदालत ने सरकार को चमियाना अस्पताल में तीमारदारों और मरीजों को हो रही असुविधाओं पर फिर से ताजा स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के भी आदेश दिए हैं। मुख्य सचिव ने अदालत की ओर से पारित 24 मार्च के आदेशों के अनुपालना पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंंह और रंजन की खंडपीठ ने कहा कि हलफनामे में मरीजों तथा उनके परिजनों को अस्पताल तक प्रदान की जा रही बस सेवा के संबंध में कोई उल्लेख नहीं है। अदालत ने वन विभाग को पेड़ों की गणना करने के भी निर्देश दिए हैं, जिससे सड़क को चौड़ा किया जा सके। इस मामले की अगली सुनवाई 18 जून को होगी।
अदालत ने हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम को चमियाना के लिए नियमित आधार पर बस सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है। अदालत ने इस क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए उचित कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में चमियाना के लिए कितनी बसें चलाई जा रही हैं और यदि बस सेवा उपलब्ध नहीं है, इस पर कुछ भी नहीं बताया है। खंडपीठ ने रिपोर्ट में पाया कि सड़क किनारे बिजली के खंभे खड़े होने के कारण सड़क चौड़ीकरण का काम बाधित हो रहा है। इसलिए जब तक बिजली के खंभों को हटाया नहीं जाता तब तक सड़क पर टारिंग नहीं की जा सकती है। खंडपीठ ने एचपीएसईबीएल को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के भी निर्देश दिए हैं, जिसमें उन खंभों की संख्या और विवरण दिया जाए जिन्हें सड़क के इस हिस्से को खोलने के लिए स्थानांतरित करना होगा। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि बोर्ड की ओर से विचाराधीन बिजली के खंभों को स्थानांतरित करते समय क्षेत्र के लोगों को बिजली की आपूर्ति में कोई व्यवधान न हो।
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भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द करें पूरी
खंडपीठ ने मुख्य सचिव को निजी भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा है। सरकार की ओर से बताया था कि निजी भूमि मालिकों के साथ बातचीत चल रही है। भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा है और मामला विचाराधीन है। रिपोर्ट में बताया है कि भट्ठाकुफर जंक्शन से आईजीएमसी फेज-टू तक सड़क की शुरुआती 300 मीटर हिस्से का टारिंग का काम पूरा हो गया है, लेकिन 80 मीटर की लंबाई में पार्किंग की फेंसिंग को स्थानांतरित करके सड़क को 2.30 से 3.00 मीटर तक चौड़ा किया है।
सराय उपलब्ध करवाने में मौन : हाईकोर्ट
प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि हलफनामे में अस्पताल के पास सराय उपलब्ध करवाने के संबंध में सरकार मौन है। सरकार इस पर आवश्यक हलफनामा दाखिल करें जिसमें बताया जाए कि अस्पताल के पास सराय उपलब्ध करवाने के लिए क्या कदम उठाएं हैं। अस्पताल को जाने वाली सड़क की टारिंग का काम पूरा हो गया है लेकिन कुछ हिस्सा अभी बचा है। सरकार की ओर से हलफनामे में बताया कि वर्तमान में चामियाना स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी में छह विभाग मूत्र विज्ञान, तंत्रिका विज्ञान, एंडोक्रिनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी की ओपीडी सेवाएं दिसंबर 2024 में शुरू की गई हैं। तंत्रिका विज्ञान, नेफ्रोलॉजी और एंडोक्रिनोलॉजी की इनडोर सेवाएं 10 मार्च से शुरू कर दी हैं। अस्पतालों में 324 बिस्तरों की क्षमता है। वर्तमान में संबंधित संस्थान में दस 10 प्रोफेसर, 12 एसोसिएट प्रोफेसर, 18 सहायक प्रोफेसर और 23 वरिष्ठ रेजिडेंट कार्यरत हैं। अन्य सहायक कर्मचारियों को भी नियुक्ति दी है। कर्मचारियों के लिए दो बस सेवाएं 10 मार्च से आईजीएमसी से चमियाना और खलीनी चौक से अस्पताल के लिए शुरू की हैं। भट्टाकुफर से अस्पताल तक स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए प्राचार्य ने उपायुक्त से संपर्क किया है।
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हाईकोर्ट ने सरकार को दिए अस्पताल को चलाने में आ रहीं दिक्कतों को दूर करने के निर्देश
हाईकोर्ट में अब मामले की अगली सुनवाई 18 जून को होगी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना को चलाने में आ रहीं दिक्कतों को दूर करने के संबंधित सरकारी विभागों को निर्देश दिए हैं।
अदालत ने सरकार को चमियाना अस्पताल में तीमारदारों और मरीजों को हो रही असुविधाओं पर फिर से ताजा स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के भी आदेश दिए हैं। मुख्य सचिव ने अदालत की ओर से पारित 24 मार्च के आदेशों के अनुपालना पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंंह और रंजन की खंडपीठ ने कहा कि हलफनामे में मरीजों तथा उनके परिजनों को अस्पताल तक प्रदान की जा रही बस सेवा के संबंध में कोई उल्लेख नहीं है। अदालत ने वन विभाग को पेड़ों की गणना करने के भी निर्देश दिए हैं, जिससे सड़क को चौड़ा किया जा सके। इस मामले की अगली सुनवाई 18 जून को होगी।
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अदालत ने हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम को चमियाना के लिए नियमित आधार पर बस सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है। अदालत ने इस क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए उचित कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में चमियाना के लिए कितनी बसें चलाई जा रही हैं और यदि बस सेवा उपलब्ध नहीं है, इस पर कुछ भी नहीं बताया है। खंडपीठ ने रिपोर्ट में पाया कि सड़क किनारे बिजली के खंभे खड़े होने के कारण सड़क चौड़ीकरण का काम बाधित हो रहा है। इसलिए जब तक बिजली के खंभों को हटाया नहीं जाता तब तक सड़क पर टारिंग नहीं की जा सकती है। खंडपीठ ने एचपीएसईबीएल को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के भी निर्देश दिए हैं, जिसमें उन खंभों की संख्या और विवरण दिया जाए जिन्हें सड़क के इस हिस्से को खोलने के लिए स्थानांतरित करना होगा। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि बोर्ड की ओर से विचाराधीन बिजली के खंभों को स्थानांतरित करते समय क्षेत्र के लोगों को बिजली की आपूर्ति में कोई व्यवधान न हो।
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भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द करें पूरी
खंडपीठ ने मुख्य सचिव को निजी भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा है। सरकार की ओर से बताया था कि निजी भूमि मालिकों के साथ बातचीत चल रही है। भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा है और मामला विचाराधीन है। रिपोर्ट में बताया है कि भट्ठाकुफर जंक्शन से आईजीएमसी फेज-टू तक सड़क की शुरुआती 300 मीटर हिस्से का टारिंग का काम पूरा हो गया है, लेकिन 80 मीटर की लंबाई में पार्किंग की फेंसिंग को स्थानांतरित करके सड़क को 2.30 से 3.00 मीटर तक चौड़ा किया है।
सराय उपलब्ध करवाने में मौन : हाईकोर्ट
प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि हलफनामे में अस्पताल के पास सराय उपलब्ध करवाने के संबंध में सरकार मौन है। सरकार इस पर आवश्यक हलफनामा दाखिल करें जिसमें बताया जाए कि अस्पताल के पास सराय उपलब्ध करवाने के लिए क्या कदम उठाएं हैं। अस्पताल को जाने वाली सड़क की टारिंग का काम पूरा हो गया है लेकिन कुछ हिस्सा अभी बचा है। सरकार की ओर से हलफनामे में बताया कि वर्तमान में चामियाना स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी में छह विभाग मूत्र विज्ञान, तंत्रिका विज्ञान, एंडोक्रिनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी की ओपीडी सेवाएं दिसंबर 2024 में शुरू की गई हैं। तंत्रिका विज्ञान, नेफ्रोलॉजी और एंडोक्रिनोलॉजी की इनडोर सेवाएं 10 मार्च से शुरू कर दी हैं। अस्पतालों में 324 बिस्तरों की क्षमता है। वर्तमान में संबंधित संस्थान में दस 10 प्रोफेसर, 12 एसोसिएट प्रोफेसर, 18 सहायक प्रोफेसर और 23 वरिष्ठ रेजिडेंट कार्यरत हैं। अन्य सहायक कर्मचारियों को भी नियुक्ति दी है। कर्मचारियों के लिए दो बस सेवाएं 10 मार्च से आईजीएमसी से चमियाना और खलीनी चौक से अस्पताल के लिए शुरू की हैं। भट्टाकुफर से अस्पताल तक स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए प्राचार्य ने उपायुक्त से संपर्क किया है।