आनलाइन जमा होंगे सरकारी विभागों में पैसे
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राजधानी शिमला में देश की तीसरी और हिमाचल की पहली साइबर ट्रेजरी शुरू हो गई है। अब आम लोगों और विभागों को सरकारी पैसा जमा करवाने के लिए ट्रेजरी ऑफिसर और डीडीओ (ड्राइंग एंड डिस्बर्सिगिं आफिसर) के चक्कर नहीं काटने होंगे।
इन अधिकारियों से चालान पास किए बिना ही ट्रेजरी में पैसे जमा हो पाएंगे। आप ई-बैंकिंग के माध्यम से प्रदेश सरकार की वेबसाइट से हिमकोश में पैसा जमा करवा सकते हैं। ट्रेजरी निदेशालय में प्रदेश की पहली साइबर ट्रेजरी खुल चुकी है। इससे पहले महाराष्ट्र और राजस्थान में ये सुविधा मुहैया करवाई गई है।
स्टांप पेपर की खरीद, स्पेशल रोड टैक्स, कामर्शियल व्हीकल रोड टैक्स, प्रापर्टी रजिस्ट्रेशन फीस, गाडि़यों के चालान का भुगतान, प्रतिबंधित रोड परमिट की फीस सरकारी खजाने में जमा करवाने तक की सुविधा अब साइबर ट्रेजरी में मिलेगी। अब प्रतिबंधित रोड परमिट की फीस भी आसानी से जमा हो जाएगी।
सभी विभागों को जारी किए आदेश
सरकार ने इस संबंध में सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं कि वे साइबर ट्रेजरी के माध्यम से सरकारी खजाने में पैसा जमा कराएं। इससे विभाग का समय बचेगा और व्यक्ति विशेष को परेशानियों से जूझना नहीं पड़ेगा।
यह सुविधा उन सभी कार्यों के लिए उपलब्ध हैं जिनके माध्यम से सरकारी खजाने में राशि जमा करवानी होती है। प्रधान सचिव वित्त डॉ.श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी विभागों और जनता के लिए एक वैकल्पिक सुविधा मुहैया कराई गई है।
इससे जनता किसी भी ट्रेजरी के चक्कर काटने के बजाए ऑनलाइन ही सरकारी खजाने में शुल्क जमा करा सकती है। यह सुविधा हाल ही में ही शुरू की गई है।