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शिमला के ऐतिहासिक चर्च में मनाया गया गुड फ्राइडे
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 19 Apr 2014 09:45 AM IST
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रिज मैदान पर स्थित क्राइस्ट में शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया गया। प्रभु ईसा मसीह के बलिदान को याद करते हुए विश्व शांति के लिए मौन रखा गया और प्रार्थना की गई।
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प्रार्थना सभा के बाद भगवान मसीह की शिक्षाओं पर सभा का आरंभ हुआ। इस मौके पर सैकड़ों ईसाई धर्म के अनुयायी चर्च में एकत्रित हुए और दीप प्रज्जवलित किए। दिनभर चले प्रार्थना सभा में ईसा मसीह की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला गया।
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सभा में प्रेम और क्षमा के महत्व पर बल दिया गया। पादरी क्लाडियस डीन ने बाइबिल का पाठ करते हुए बताया कि जहां प्रेम है वहां क्षमा भी है। हमें प्रभु मसीह की तरह प्यार की भावना रखते हुए किसी से नफरत नहीं करनी चाहिए।
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चर्च के पादरी मुश्ताक ए मलक ने बताया कि गुड फ्राईडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे और ग्रेट फ्राइडे के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि यहूदियों ने मसीह द्वारा अपने आप को परमेश्वर का पुत्र कहे जाने पर मसीह को प्राणदंड की सजा दी।
कैथोलिक चर्च में भी प्रार्थना सभा
कैथोलिक चर्च के नाम से विख्यात सेंट माइकल केथेड्रल चर्च शिमला में गुड फ्राईडे के दिन प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। उड़ीसा से प्रवचन के लिए आए पादरी रेवरेन रोमन कनाडे ने बताया कि 40 दिन रोजे रखने के बाद गुड फ्राइडे मनाया जाता है।
दुनिया को पाप मुक्त करने के लिए ईसा मसीह ने अपने प्राण त्याग दिए थे। उनके त्याग को गुड फ्राइडे के दिन याद किया जाता है और सभी विश्वासी इस दिन निश्चय करते है कि मसीह के गुणों को अपने जीवन में अपनाते हुए आगे बढ़ेंगे।
लगाया गया रक्तदान शिविर
रिज मैदान में विश्व कल्याण सेवा संस्था की ओर से गुड फ्राइडे के उपलक्ष्य पर रक्तदान शिविर लगाया गया। रिपन अस्पताल के ब्लड बैंक विशेषज्ञों की देखरेख में 35 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।