शादी के बहाने तस्करी, नाबालिग को एक लाख में बेच रहा था जीजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में चंद रुपयों के लालच में सिरमौर से बेटियों को बेचे जाने के मामले में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। यहां की लड़कियों को शादी के बहाने पहले किसी और लड़के से मिलाया जाता है और बाद में किसी और के हवाले कर दिया जाता है।
बिलासपुर में बरामद नाबालिग को भी उसका जीजा आगे 40 हजार से एक लाख रुपये में बेचने की तैयारी कर रहा था, लेकिन शिलाई पुलिस ने पहले ही लड़की को बरामद कर लिया। लड़की को उसका जीजा सुभाष बिलासपुर लाया था।
सुभाष ने उसे झंडूता के एक गांव में रखा और उसके सौदे के लिए जाल बुनने लगा। लड़की विरोध न करे, इसके लिए शादी का झांसा दिया गया। शादी के लिए उसे सुनील नाम के लड़के से मिलाया भी गया।
बेचने से पहले मासूम से रेप करता रहा युवक
खरीदार के पहुंचने तक लड़की को सुनील के साथ रखा गया था। इस दौरान 17 साल की इस मासूम से दुराचार भी होता रहा। परिजन किसी तरह झंडूता पहुंचे तो उन्हें डरा धमकाकर भेज दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम शिलाई ने सर्च वारंट जारी कर एएसआई प्रकाश चंद की अगुवाई में पुलिस दल भेजा। पुलिस ने पहले सुभाष के घर छापामारी की लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। बाद में सुनील के घर से नाबालिग बरामद कर ली गई।
एसडीएम के समक्ष बयान के बाद सुभाष और सुनील के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों आरोपी हिरासत में हैं। एसडीएम शिलाई विकास शुक्ला का कहना है कि यहां के लोग शिक्षा के अभाव में बहकावे में आ जाते हैं। लड़कियों को शादी के नाम पर किसी और लड़कों से मिलाया जाता है, जहां से उन्हें बेचा जाता है।