डेंगू से छात्रा की मौत, चंडीगढ़ के निजी अस्पताल में चल रहा था इलाज
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उपमंडल बड़सर के मैहरे कस्बा की एक छात्रा की वीरवार रात को डेंगू के कारण मौत हो गई। छात्रा जालंधर में बीएएमएस की पढ़ाई कर रही थी। जिला हमीरपुर में डेंगू से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले भोरंज में दो और बड़सर में एक व्यक्ति की बीते माह मौत हो चुकी है।
बड़सर के मैहरे कस्बा की दीक्षा (20) पिछले काफी दिन से बुखार से पीड़ित थी। बीमार होने के चलते छात्रा पढ़ाई से छुट्टी लेकर घर आ गई थी। परिजनों ने उसका उपचार बड़सर अस्पताल में करवाना शुरू किया।
बड़सर अस्पताल में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसमें डेंगू के लक्षण पाए जाने पर उसे टांडा रेफर कर दिया था, लेकिन दीक्षा की लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए टांडा से चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
ज्यादातर डेंगू के मरीज पड़ोसी राज्य से
परिजनों ने वहां उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। यहां इलाज के दौरान दीक्षा ने वीरवार रात को दम तोड़ दिया। दीक्षा के पिता पीके रयात का कहना है कि डेंगू बुखार से पीड़ित होने पर उसका कई अस्पतालों में उपचार करवाया, लेकिन वीरवार रात को उसने दम तोड़ दिया।
बड़सर अस्पताल के डॉक्टर एचआर कालिया का कहना है कि उक्त बीएएमएस की छात्रा द्वारा ट्रीटमेंट लिया गया था। फिर उसे रेफर कर दिया गया था। अगर मरीज का बुखार लगातार 103 से 105 के बीच बना रहता है तो उसे जरूरी टेस्ट करवाकर उपचार करवाना चाहिए।
कहा कि ज्यादातर डेंगू के मरीज बद्दी या पड़ोसी राज्य पंजाब में रहने वालों के हैं। उन्होंने डेंगू से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की अपील की है। कहा कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, शरीर को पूरी तरह से ढका रखें।