ट्रक हड़ताल खत्म होने से सेब बागवानों को राहत
ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म होने के बाद अब सेब बागवानों को राहत मिली है। हड़ताल के चलते प्रदेश के बागवानों की नींद उड़ी हुई थी। बागवानों ने सेब तुड़ान रोक दिया था।
उद्यान विभाग ने भी प्रदेश के सेब बागवानों को सलाह दी थी कि ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल के चलते वे फसल तुड़ान में जल्दबाजी न करें और हालात सामान्य होने की प्रतीक्षा करें।
प्रदेश फल, सब्जी एवं फूल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान के अनुसार सेब सीजन में ढुलाई के लिए ट्रक नहीं मिल रहे हैं। नाशपाती की फसल खराब होने की आशंका बनी हुई है। हड़ताल के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में सेब तुड़ान बागवानों ने रोक दिया है।
बागवान सेब की फसल ज्यादा देर तक पेड़ों पर भी नहीं रख सकते। मंडियों में सेब बेचने में परेशानी हो रही है। वर्तमान में दस हजार पेटी रोज शिमला की ढली मंडी में पहुंच रही थी।
ट्रकों की हड़ताल ने रोक दी थी सेब ढुलाई की रफ्तार
प्रदेश से चालीस हजार पेटियां सेब रोजाना देश की मंडियों में भेजी जा रही थीं। ट्रकों की हड़ताल ने सेब ढुलाई की रफ्तार रोक दी है। दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार को भेजे पत्र में मांग की है कि ट्रकों की हड़ताल रोकने के लिए हस्तक्षेप किया जाए।
सरकार से बागवानी फसलें खासकर सेब तबाह होने से बचाने की मांग भी की गई है। पूर्व विधायक रोहित ठाकुर और जुब्बल कोटखाई ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोती लाल डेरटा ने कहा कि हड़ताल से बागवानों को सेब और अन्य फसलें मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। लेकिन अब हड़ताल खत्म होने से बागवानों ने राहत की सांस ली है।