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शिमला वासियों के लिए राहत, अब घरों से नियमित तौर पर उठेगा कू़ड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:46 PM IST
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राजधानी में ग्यारह सितंबर से हड़ताल पर गए सैहब सोसायटी कर्मियों के आगे नगर निगम प्रशासन को आखिर झुकना ही पड़ा। वीरवार देर शाम तक नगर निगम कार्यालय में हुई बैठक में नगर निगम ने सैहब सोसायटी कर्मियों की बीस फीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग को मान लिया है।
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मांग मान लेने के बाद हड़ताल पर चल रहे सैहब सोसायटी के करीब 550 डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन का कार्य करने वाले कर्मचारी शुक्रवार से काम पर लौट आएंगे। नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट ने कर्मचारियों की बीस फीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग को मान लेने की पुष्टि करते हुए कहा कि कर्मियों को यह बढ़ा वेतन अक्तूबर माह से मिलना शुरू होगा।
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सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन के प्रधान जसवंत सिंह ने माना कि नगर निगम ने मांग मान ली है, शुक्रवार से कर्मी काम पर लौट आएंगे। पिछले ग्यारह दिनों से चल रही हड़ताल के कारण शहर की आम जनता को शुक्रवार से राहत मिल जाएगी।
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अब सेहब कर्मी पहले की तरह से घरों से कू ड़ा एकत्र करने का काम शुरू कर देंगे। शहरवासियों को अब कू ड़ा देने के लिए निगम की गाड़ियों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, और घरों से ही कूड़ा उठना शुरू हो जाएगा।
यह था मामला
नगर निगम ने शहर को डंपर फ्री बनाने के बाद घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था लागू की थी, जिसे सैहब सोसायटी में संचालित किया जाता है। कार्यरत करीब 550 कर्मी ग्यारह दिन से बीस फीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हड़ताल पर थे। उनकी मांग पर फैसला लेने के लिए ग्यारह सितंबर को एजीएम बुलाई गई, मगर कोरम पूरा न होने से मांग पर फैसला नहीं हुआ। 18 सितंबर को हुई एजीएम में नगर निगम ने साफ तौर पर बीस फीसदी वेतन बढ़ाने से इंकार कर दिया था। नगर निगम ने दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग जरूर मानी थी।
बेअसर रही नगर निगम की नौकरी से निकालने धमकी
शिमला। नगर निगम ने हड़ताली कर्मियों को दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी कर काम पर लौटने को कहा था। वापस न आने वाले कर्मियों को नोटिस देने और नौकरी से बाहर करने तक की चेतावनी दी। बावजूद इसके कर्मी हड़ताल पर अड़े रहे। जिसके चलते वीरवार को देर शाम नगर निगम प्रशासन की मेयर की अध्यक्षता में हुई बैठक में अंतत: निगम को हड़तालियों की मांग माननी पड़ी और बीस फीसदी वेतन बढ़ोतरी का फैसला लेना ही पड़ा।
सहायक आयुक्त ने नोटिस देकर दी बाहर करने की चेतावनी
नगर निगम के सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक ने वीरवार दोपहर बाद हड़ताली सैहब सोसायटी के करीब 550 कर्मियों में से छह सुपरवाइजर और 21 कर्मियों के काम पर लौट आने का बयान दिया था। वहीं गैरहाजिर रह हड़ताल पर जाने वाले सभी कर्मियों को नोटिस देने और 24 घंटे के भीतर ज्वाइन न करने वालों की सेवाएं समाप्त किए जाने का आधिकारिक बयान दिया। इसके साथ ही उन्होंने और मेयर ने कूड़ा एकत्रीकरण के कार्य को वैकल्पिक व्यवस्था आउटसोर्स करने तक की तैयारी शुरू करने की बात भी की थी। एकाएक नगर निगम प्रशासन ने देर शाम हुई बैठक में वेतन बढ़ोतरी की मांग मान लेने का फैसला ले हड़ताल समाप्त करवा दी।