ओलावृष्टि से सिरमौर में फलों को नुकसान, कल भी खराब रहेगा मौसम
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हिमाचल में ऑरेंज अलर्ट के बीच मंगलवार को सिरमौर के राजगढ़ की कुछ पंचायतों में भारी ओलावृष्टि से गुठलीदार फल तबाह हो गए हैं। गेहूं को भी नुकसान हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को भी प्रदेश के कई जिलों में अंधड़ और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया है। सात और आठ मई को प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। नौ से 11 मई तक दोबारा मौसम खराब रहने के आसार हैं।
विकास खंड राजगढ़ की ग्राम पंचायत भुईरा और दीदग में ओलावृष्टि होने से किसानों की मटर और स्ट्राबेरी की फसल तबाह हो गई। बागवानों के आड़ू, सेब, खुमानी, पलम, बादाम और नाशपाती आदि को भी भारी नुकसान हुआ। ओलावृष्टि इतनी अधिक थी कि पौधों से फल ही नहीं झड़े बल्कि पत्ते व टहनियों को भी नुकसान हुआ। पौधों के नीचे फलों और पतियों के ढेर लग गए हैं।
रोहतांग दर्रा बहाल
उधर, रोहतांग दर्रे के पास गिरे हिमखंड को हटाकर बीआरओ ने दर्रा को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी लाहौल के लिए वाहन नहीं भेजे गए। रोहतांग दर्रा होकर वाहनों की आवाजाही मौसम पर निर्भर करेगी। मंगलवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहा।
धूप खिलने से अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 36.2, बिलासपुर-सुंदरनगर में 32.0, कांगड़ा-हमीरपुर में 31.8, चंबा में 30.5, नाहन में 28.9, सोलन में 28.0, भुंतर में 27.8, धर्मशाला में 22.6, शिमला में 21.6, कल्पा में 17.6 और केलांग में 13.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सोमवार रात को केलांग में न्यूनतम तापमान 2.5, कल्पा में 3.9 और शिमला में 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।