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Shimla News: दसवीं पास से लेकर अधिवक्ता तक बने पंचायत समिति सदस्य

Mon, 01 Jun 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 11:59 PM IST
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From 10th pass to advocate, Panchayat Samiti members became
दसवीं पास से लेकर अधिवक्ता तक बने पंचायत समिति सदस्य, शिक्षित और अनुभवी चेहरों पर लोगों ने जताया भरोसा
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सड़क, बिजली, पानी की समस्या के समाधान की उम्मीद
शहर के साथ लगते तीन ब्लॉकों में 45 प्रतिनिधि जीते
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। पंचायती राज चुनाव में अब गांव में राजनीति की तस्वीर बदल गई है। बीडीसी सदस्यों के पद पर अब दसवीं पास से लेकर अधिवक्ता तक पंचायत समिति सदस्य के पद पर जीतकर आए हैं। ऐसे में इस बार के चुनाव में लोगों ने शिक्षित और अनुभवी चेहरों पर भरोसा जताया है।
लोगों को उम्मीद है कि अब उनके गांवों की सड़क, बिजली, पानी और नालियों की समस्या का यह नए सदस्य समाधान करेंगे। जिला शिमला में हाल ही में ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (क्षेत्र पंचायत सदस्य) के चुनाव में मशोबरा, टुटू और बसंतपुर वार्ड से लोगों ने युवा तथा खास तौर पर पढ़े-लिखे लोगों पर अपना भरोसा जताया है। शहर से सटे विकास खंड से 45 पंचायत समिति सदस्य चुनकर आए हैं। इसमें दसवीं पास युवाओं से लेकर अधिवक्ता, स्नातकोत्तर और तकनीकी शिक्षा प्राप्त उम्मीदवार शामिल हैं। अब ग्रामीण लोग राजनीतिक पहचान नहीं बल्कि उम्मीदवार की योग्यता और क्षेत्र में कार्य करने की क्षमता को भी महत्व दे रहे हैं। ऐसे में दो से तीन पंचायतों को मिलाकर बीडीसी वार्ड में लोगों ने अब राजनीति विज्ञान (पॉलिटिकल साइंस) में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल करने वाले और हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है उन पर भरोसा जताया है।
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अधिवक्ता के रूप में कार्य कर रहे उम्मीदवारों ने भी पंचायत समिति सदस्य का चुनाव जीतकर ग्रामीण विकास में अपनी बेहतर भूमिका निभाएंगे। उधर दूसरी ओर 62 वर्षीय आशा कश्यप सबसे वरिष्ठ निर्वाचित पंचायत समिति सदस्य बनी हैं। लंबे सामाजिक अनुभव और जनसंपर्क के दम पर उन्होंने मतदाताओं का विश्वास हासिल किया। दूसरी ओर दुष्यंत अत्री सबसे युवा पंचायत समिति सदस्य के रूप में चुनकर सामने आए हैं। उनकी जीत को युवाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी और नई सोच के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक लोगों का मानना है कि पंचायत समिति में शिक्षित और पेशेवर पृष्ठभूमि से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी विकास योजनाओं के बेहतर बनाने में कारगर साबित होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार से जुड़े मुद्दों पर इन प्रतिनिधियों से लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं।
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