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Himachal Weather: लाहौल-किन्नौर में बर्फबारी, मनाली लेह मार्ग बंद, 27 वाहन किए रेस्क्यू
Sat, 30 Sep 2023 02:39 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 30 Sep 2023 02:39 PM IST
सार
प्रदेश के सात जिलों कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर और शिमला के निचले क्षेत्रों से मानसून विदा हो गया है। कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा, मंडी और शिमला के शेष क्षेत्रों से तीन से चार दिनों में मानसून के विदा होने का पूर्वानुमान है।
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मनाली-लेह मार्ग पर हुआ ताजा हिमपात।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति और किन्नौर की चोटियों पर शुक्रवार रात और शनिवार सुबह बर्फबारी हुई। बर्फ गिरने से सामरिक महत्व का मनाली-लेह मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया है। दारचा से आगे बारालाचा और जिंगजिंगबार की चोटियों पर करीब 30 सेंटीमीटर तक बर्फ गिरी है। यहां से बीआरओ और पुलिस ने 25 ट्रकों समेत 27 गाड़ियों को रेस्क्यू किया है।
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मौसम में आए बदलाव को देखते हुए लाहौल-स्पीति प्रशासन ने दारचा से आगे वाहनों की आवाजाही रोक दी है। शिंकुला, रोहतांग और कुंजम दर्रा सहित सीबी रेंज की चोटियां भी बर्फ से सफेद हो गई हैं। पहली बार सितंबर महीने में लाहौल के रिहायशी इलाके भी बर्फ से लकदक हो गए हैं। पहाड़ों पर गिरी बर्फ से तापमान में भी गिरावट आ गई है।
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लाहौल-स्पीति की पहाड़ियों पर 140 दिन बाद अच्छी बर्फबारी हुई है। लाहौल के लेडी ऑफ केलांग, घेपन पीक, मुलकिला, नीलकंठ व कुगती जोत सहित तमाम ऊंची चोटियों पर बर्फबारी गिरी है। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया है। रविवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं।
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पहली बार सामान्य से 20 फीसदी अधिक बारिश
प्रदेश में पहली बार मानसून सीजन में सामान्य से 20 फीसदी अधिक बादल बरसे हैं। जुलाई और अगस्त के दौरान प्रदेश में बादल झमाझम बरसे। इस कारण ही प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा हुई। जुलाई में 43 वर्ष बाद 400 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। 13 अगस्त को प्रदेश में सामान्य से 357 फीसदी अधिक बादल बरसे। उधर, इस बार सितंबर में दो साल बाद सामान्य से कम बारिश हुई।
सात जिलों से मानसून विदा
प्रदेश के सात जिलों कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर और शिमला के निचले क्षेत्रों से मानसून विदा हो गया है। कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा, मंडी और शिमला के शेष क्षेत्रों से तीन से चार दिनों में मानसून के विदा होने का पूर्वानुमान है। बीते वर्ष के मुकाबले इस बार चार दिन पहले मानसून की विदाई हुई। वर्ष 2022 में तीन अक्तूबर को मानसून विदा हुआ था। 24 जून को मानसून ने प्रदेश में दस्तक दी थी।