Kufri Fryom Potato: हिमाचल में विकसित कुफरी फ्रायोम आलू से बनेंगे फ्रेंच फ्राइज, सीपीआरआई करेगा एमओयू
सीपीआरआई ने फ्रेंच फ्राइज इंडस्ट्री के लिए आलू की नई किस्म कुफरी फ्रायोम विकसित की है। लाइसेंसिंग प्रक्रिया के तहत यह किस्म गुजरात की फ्रेंच फ्राइज इंडस्ट्री को उपलब्ध करवाई जाएगी।
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केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला (सीपीआरआई) ने फ्रेंच फ्राइज इंडस्ट्री के लिए आलू की नई किस्म कुफरी फ्रायोम विकसित की है। लाइसेंसिंग प्रक्रिया के तहत यह किस्म गुजरात की फ्रेंच फ्राइज इंडस्ट्री को उपलब्ध करवाई जाएगी। अगले माह सीपीआरआई और गुजरात की फ्रेंच फ्राइज इंडस्ट्री के बीच इसे लेकर एमओयू होगा। उन्नत किस्म का आलू मिलने से विदेशों में फ्रेंच फ्राइज का निर्यात बढ़ेगा। भारत में बनने वाले फ्रेंच फ्राइज की विदेशों में भारी मांग है। सालाना औसतन 1.35 लाख टन फ्रेंच फ्राइज भारत से अन्य देशों को निर्यात होता है।
सीपीआरआई शिमला के निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह ने हाल ही में वैज्ञानिकों के साथ गुजरात की आलू प्रसंस्करण व फ्रेंच फ्राइज इंडस्ट्री का दौरा किया था। फ्रेंच फ्राइज इंडस्ट्री संचालकों ने सीपीआरआई के समक्ष नई किस्में विकसित करने का प्रस्ताव रखा था। फ्रेंच फ्राइज का उत्पादन और निर्यात बढ़ाने के लिए कंपनियों को उन्नत किस्म के आलू बीज की जरूरत है। कंपनियों ने ऐसी किस्मों की मांग की है जो गुजरात, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में लगे और इनमें बीमारियों का खतरा कम हो।
वहीं, भंडारण को आधुनिक तकनीक विकसित करने की भी मांग की है, जिससे करीब 10 से 12 महीने तक आलू का भंडारण हो और फ्रेंच फ्राइज बनाने के लिए इसकी गुणवत्ता बनी रहे। सीपीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शैलेज सूद ने बताया कि कुफरी फ्राइसोना किस्म चिप्स बनाने के लिए खासी पसंद की जा रही है। देश में चिप्स बनाने के लिए इस्तेमाल हो रहे आलू की कुल खपत का 20 फीसदी यही किस्म है।
फ्रेंच फ्राइस इंडस्ट्री के लिए आलू की नई किस्म कुफरी फ्रायोम विकसित की है। लाइसेंसिंग के माध्यम से इसे गुजरात की फ्रेंच फ्राइज इंडस्ट्री को उपलब्ध करवाया जाएगा। जल्द इसके लिए एमओयू होगा। फ्रेंच फ्राइज इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप अन्य नई किस्में भी विकसित की जाएंगी। -डॉ. ब्रजेश सिंह, निदेशक, सीपीआरआई शिमला