फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   free medical checkup of school students.

अब आपके घर आकर जांची जाएगी बच्चों की सेहत

Tue, 27 Oct 2015 11:00 AM IST
संजय भारद्वाज/अमर उजाला, बिलासपुर
संजय भारद्वाज/अमर उजाला, बिलासपुर Updated Tue, 27 Oct 2015 11:00 AM IST
विज्ञापन
free medical checkup of school students.

अब राष्ट्रीय बाल सुरक्षा योजना में स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य जांचा जाएगा। नेशनल स्कूल हेल्थ मिशन को लगभग खत्म कर दिया गया है। राष्ट्रीय बाल सुरक्षा योजना में नवजात बच्चों की भी स्वास्थ्य जांच की जाएगी। फील्ड स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी गई है।ट्रेंड स्टाफ घर-घर जाकर लगभग 30 प्रकार की बीमारियों की पहचान कर विभाग को रिपोर्ट देगा। इनमें जन्मजात बीमारियों के अलावा हार्ट, किडनी आदि की गंभीर बीमारियां शामिल हैं।

विज्ञापन


राष्ट्रीय बाल सुरक्षा अधिनियम में कार्यक्रम का संचालन बीएमओ स्तर पर होगा। वर्तमान में उपलब्ध स्टाफ से ही काम चलाया जाएगा। हालांकि, चिकित्सकों की कमी को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने निजी डॉक्टरों को जिम्मा सौंपने की योजना बनाई थी, लेकिन चिकित्सक नहीं मिले। इसके बाद आयुर्वेदिक डॉक्टरों को भी जिम्मा देने पर भी बात नहीं बनी।
विज्ञापन


अब आयुर्वेदिक और एलोपैथिक अस्पतालों में मौजूद स्टाफ के सहारे इस मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा। योजना में निशुल्क दवाइयों के साथ बड़े अस्पतालों में इलाज पर भी सरकार मदद देगी। बशर्ते, बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ रहा हो। विभाग के निदेशक डा. डीएस गुरंग ने बताया कि अब बच्चों का चेकअप राष्ट्रीय बाल सुरक्षा योजना में होगा। फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं हुआ बच्चों का चेकअप
स्टाफ की कमी से स्कूलों में बच्चों का चेकअप नहीं किया गया। आधा वित्त वर्ष गुजर गया है, लेकिन किसी भी जिले योजना शुरू नहीं हो पाई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. दिनेश ठाकुर ने बताया कि फील्ड स्टाफ को ट्रेंड किया गया है। बीएमओ स्तर पर उपलब्ध चिकित्सक, हेल्थ वर्कर, दाइयां और आशा वर्कर इस कार्य को करेंगे।


इन बीमारियों की होगी पहचान
अब बाल सुरक्षा योजना में आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की भी स्वास्थ्य जांच होगी। होम डिलीवरी होने पर भी घर-घर जाकर जांच होगी। बच्चों में होने वाले जन्मजात रोग के अलावा अनीमिया, विटामिन ए, डी की कमी, स्किन की बीमारियां, पेट में कीड़े, दांतों की समस्या, हार्ट की बीमारियां, सुनने की कमी, बोलने की कमी आदि 30 प्रकार की बीमारियों की पहचान की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed