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Himachal: ऊना में तीन हजार लोगों से हुई ठगी, कांगड़ा और बिलासपुर में भी करोड़ों बटोरे, जानें पूरा मामला

Mon, 24 Mar 2025 10:18 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/ऊना/धर्मशाला/भराड़ी
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/ऊना/धर्मशाला/भराड़ी Published by: Krishan Singh Updated Mon, 24 Mar 2025 10:18 AM IST
सार

सोसायटी ने लोगों को 9 से 14 फीसदी का ब्याज देने का झांसा देकर फंसाया और अब लोगों की करोड़ों रुपये लेकर भाग गई है। 

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fraud in hp Three thousand people were cheated in Una, crores were also collected in Kangra and Bilaspur, know
ठगी (सांकेतिक) - फोटो : amar ujala

विस्तार

ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी ने शिमला के अलावा ऊना, हमीरपुर, सोलन, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा व बिलासपुर में भी लोगों को ठगा है। सोसायटी ने लोगों को 9 से 14 फीसदी का ब्याज देने का झांसा देकर फंसाया और अब लोगों की करोड़ों रुपये लेकर भाग गई है। सोसायटी का दिल्ली का कार्य बंद होने और कई नोटिस जारी करने के बाद भी किसी प्रकार का जवाब नहीं आने पर सेंट्रल रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी ने सोसायटी के विघटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में लोगों की उम्रभर की जमापूंजी डूब गई है। शिमला के अलावा ऊना जिले में सबसे अधिक 3,000 लोगों से ठगी की बात सामने आई है।

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अपनी जमापूंजी के लिए सुविधा केंद्रों के चक्कर काट रहे लोग
अब लोग अपनी जमापूंजी के लिए सुविधा केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, जहां से प्रबधंकों की ओर से उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल रहा है। अब विघटन प्रक्रिया के बाद सोसायटी की परिसंपत्तियों को बेचने के बाद ही निवेशकों को उनके पैसे मिलने की उम्मीद है लेकिन इसमें कितने साल लगेंगे इसको लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता। सोसायटी का 2 दिसंबर को ऑनलाइन पोर्टल और वेबसाइट बंद हो गई थी। इसके बाद से प्रबंधकों और निवेशकों को तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए जल्द स्थिति सामान्य होने की बात कही गई लेकिन साढ़े तीन महीने बीतने के बाद अब लोगों को समझ आने लगा है कि उनके साथ ठगी हुई है।
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अभी तक जांच किसी भी जांच एजेंसी को नहीं सौंपी
हैरानी इस बात की है कि सुविधा केंद्रों के प्रबंधकों और निवेशकों की ओर से मामले की जांच के लिए प्रदेश पुलिस के महानिदेशक, सीआईडी महानिदेशक समेत पीएम और सीएम हेल्पलाइन पर भी लिखित में शिकायत की गई है लेकिन अभी प्रदेशभर में लोगों से हुई इस करोड़ों की ठगी के मामले की जांच किसी भी जांच एजेंसी को नहीं सौंपी गई है। हिमलैंड के सुविधा केंद्र के एक मामले में पुलिस 3.33 करोड़ रुपये के मामले में धोखाधड़ी का केस दर्जकर जांच कर रही है लेकिन इस मामले में प्रदेशभर के लोगों से 300 से 500 करोड़ रुपये की ठगी का अनुमान है। ऐसे में किसी सीआईडी को मामले की जांच सौंपी जाती तो इसमें संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। वहीं सोलन जिले में आठ सुविधा केंद्रों में भी निवेशकों से करोड़ों की ठगी की बात सामने आ रही है।

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ऊना में सोयायटी के चल रहे थे नौ केंद्र
ऊना हजारों लोगों के करोड़ों रुपये डूब गए हैं। जिले में करीब 3,000 लोगों के निवेश की बात सामने आई है। हालांकि, यह आंकड़ा कम ज्यादा हो सकता है। इसमें आरडी समेत एफडी में भी लोगों ने अच्छी रिटर्न की उम्मीद से निवेश किया था लेकिन अब उनकी मेहनत की कमाई डूबती नजर आ रही है। अब लोग अपनी जमापूंजी को लेकर केंद्र संचालकों से सवाल कर रहे हैं। जिले में सोसायटी के नौ केंद्र संचालित किए जा रहे थे। प्रत्येक केंद्र के पास औसतन 350 निवेशक हैं और हर केंद्र में ढाई से तीन करोड़ रुपये का निवेश किया गया। इसमें लोगों के साथ केंद्र के संचालकों और एजेंटों की लाखों की रकम भी शामिल हैं। बढेड़ा राजपूतां के केंद्र संचालक, एजेंट जश्नदीप और लठियाणी से एजेंट सुरेश ने बताया कि इस बारे में दिल्ली गए और वहां अधिकारियों से मुलाकात की। साथ ही गृह मंत्री अमित शाह से समक्ष भी न्याय की गुहार लगाई।

कांगड़ा में करीब 150 निवेशकों की डूबी मेहनत की कमाई
 ह्यूमन वेलफेयर थ्रिफ्ट एंड मल्टी सोसायटी में डूबे पैसों में कांगड़ा के निवेशक भी शामिल हैं। इस सोसायटी के अंतर्गत एक ही सुगम केंद्र का संचालन किया जा रहा था। 2 दिसंबर 2024 को सोसायटी की वेबसाइट के बंद होने के बाद से यह केंद्र बंद पड़ा हुआ है। इस केंद्र में करीब 150 निवेशकों ने अपनी राशि लगाई थी। हालांकि, निवेशकों की कितनी राशि इसमें लगी थी, इसकी जानकारी अभी जुटाई जा रही है।

झंडूता क्षेत्र के लोगों के 20 लाख रुपये डूबे
हिमाचल प्रदेश में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर भागी कोऑपरेटिव सोसायटी ने झंडूता क्षेत्र के लोगों से भी लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। सोसायटी की झंडूता शाखा में क्षेत्र के करीब 100 लोगों ने विभिन्न योजनाओं में लगभग 20 लाख रुपये निवेश किए थे। अब सोसायटी के अचानक भागने से उनकी मेहनत की कमाई डूब गई है। इसमें आरडी, एफडी, सुकन्या योजना, एमआईएस और बचत खाता जैसी योजनाएं चलाई जा रही थीं। सोसायटी में झंडूता क्षेत्र के 23 लोगों ने एक वर्ष के लिए आरडी चलाई थी, जबकि 60 से अधिक लोगों ने तीन वर्ष के लिए आरडी शुरू की थी।

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