Cement Production: हिमाचल में चार कंपनियां कर रहीं 12.05 मिलियन टन सालाना सीमेंट उत्पादन
प्रदेश में चार कंपनियां सालाना 12.05 मिलियन टन सीमेंट का उत्पादन कर रही हैं। प्रदेश में तैयार हो रहा 80 फीसदी सीमेंट बाहरी राज्यों में सप्लाई हो रहा है। ये कंपनियां हर साल 11.67 मिलियन टन क्लींकर भी तैयार कर रही हैं।
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हिमाचल प्रदेश में चार कंपनियां सालाना 12.05 मिलियन टन सीमेंट का उत्पादन कर रही हैं। प्रदेश में तैयार हो रहा 80 फीसदी सीमेंट बाहरी राज्यों में सप्लाई हो रहा है। ये कंपनियां हर साल 11.67 मिलियन टन क्लींकर भी तैयार कर रही हैं। इसमें अधिकांश क्लींकर राज्य से बाहर स्थापित सीमेंट प्लांटों के लिए कच्चे माल के रूप में भेजा जाता है। इससे एक बात साफ है कि हिमाचल के सीमेंट प्लांट चलाने के लिए ही नहीं, बल्कि बाहरी राज्यों के प्लांटों को कच्चे माल के रूप में राज्यों के पहाड़ों को तोड़कर क्लींकर बनाकर भेजा जाता रहा है। इन प्लाटों के लिए सरकार ने भूमि लीज पर दी है।
हजारों किसानों की कृषि योग्य जमीन लीज पर दी गई है। आज ये किसान विस्थापित हैं। इन्हें रोजी-रोटी के लिए सीमेंट प्लांट में नौकरी दी गई है या ट्रकों से सीमेंट ढुलाई का काम सौंपा है। सरकार ने सीमेंट को आवश्यक वस्तु की श्रेणी में नहीं रखा है। लिहाजा, सीमेंट पर सरकार का अभी तक कोई नियंत्रण नहीं है। सीमेंट कंपनियां सीमेंट के दाम मनमानी कर बढ़ाती रही हैं। हिमाचल की सरकारी और गैर सरकारी सीमेंट मांग 25 लाख टन सालाना है। सरकार चूने के पत्थर पर 80 रुपये प्रति टन कंपनियों से रॉयल्टी लेती रही है। सीमेंट में उपयोग होने वाले शिल्ल पर 60 रुपये प्रति टन रॉयल्टी वसूलती है। दोनों का उपयोग सीमेंट बनाने में कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
चारों सीमेंट कंपनियों की ये है उत्पादन क्षमता
1. मैसर्ज गुजरात अंबुजा यूनिट एक सुली 2.6 मिलियन टन क्लींकर प्रति वर्ष (एमटीपीए), 1.6 एमटीपीए 1.6 और यूनिट दो रौउरी 2.6 एमटीपीए क्लींकर और 1.5 एमटीपीए सीमेंट।
2. मैसर्ज एसीसी यूनि एक गगल 1.5 एमटीपीए क्लींकर और 2.0 एमपीटीए सीमेंट और यूनिट दो गगल 1.8 एमपीटीए क्लींकर और 2.8 एमपीटीए सीमेंट उत्पादन की क्षमता।
3. मैसर्ज सीसीआई राजबन पांवटा 0.2 एमपीटीए क्लिंकर और 0.26 एमपीटीए सीमेंट की उत्पादन क्षमता मौजूद है।
4. मैसर्ज अल्ट्राटेक विंग दो यूनिट एक बागा 2.97 एमटीपीए क्लींकर और 2.54 एमपीटीए सीमेंट तैयार कर रही है। बघेरी की ग्राइंडिंग यूनिट में 1.75 एमपीटीए सीमेंट उत्पादन हो रहा है।
किस कंपनी को कितनी भूमि कब तक लीज पर दी
1. अंबुजा को 488.08 हेक्येटर भूमि माइनिंग के लिए वर्ष 25-5-1992 से 27-5-2042 तक पचास साल की लीज पर दी है।
2. एसीसी को 231.25 हेक्टेयर जमीन माइनिंग के लिए 21-9-1979 से 31-3-2030 तक पट्टे पर दी है।
3. सीसीआई को 172.30 हेक्टेयर जमीन माइनिंग के लिए 31-10-1973 से 3-08-2023 तक बीस साल के लिए लीज पर दी है।
4. मैसर्ज अल्ट्राटेक को 331.4240 हेक्टेयर भूमि माइनिंग के लिए 29-09-2007 से 28-09-2057 तक पचास साल की लीज पर दी है।
क्या कहते हैं निदेशक उद्योग
राज्य के उद्योग निदेशक राकेश प्रजापति कहते हैं कि हिमाचल के सीमेंट प्लांटों से तैयार सीमेंट का अस्सी फीसदी सीमेंट बाहरी राज्यों को भेजा जाता रहा है। प्रदेश की सरकारी और गैर सरकारी सीमेंट की सालाना मांग बीस फीसदी सीमेंट से पूरी हो जाती है।