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Shimla News: गेयटी में मलयालम अनुवाद की चार किताबों का हुआ लोकार्पण
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संस्कृति मंच ने किया संगोष्ठी का आयोजन
हरनोट का एक और उपन्यास अंग्रेजी में होगा प्रकाशित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच की ओर से शुक्रवार को गेयटी थियेटर में राष्ट्रीय मलयालम अनुवाद संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान हिंदी से मलयालम में अनुवादित की गईं चार पुस्तकों का लोकार्पण किया।
पुस्तकों का लोकार्पण संपादक हेमंत ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर किया। इस अवसर पर प्रख्यात आलोचक डॉ. हेमराज कौशिक, वरिष्ठ लेखिका एवं अनुवादक प्रो. मीनाक्षी एफ पॉल, केरल से आए लेखक अनुवादक प्रो. श्रीलता विष्णु, डॉ. मोहनन वीटीवी और डॉ. इंदु केवी मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में एसआर हरनोट के उपन्यास नदी रंग जैसी लड़की और हिडिंब उपन्यास के अनुवाद श्रीलता विष्णु तथा मोहनन वीटीवी ने किया। राजन तनवर के कविता संग्रह कोई बांध लो मुझे का अनुवाद संयुक्त रूप से मोहनन और इंदु ने किया है। मीनाक्षी पॉल ने बताया कि वह एसआर हरनोट की कई कहानियों के अनुवाद कर चुकी हैं जिनमें कैंब्रिज स्कॉलर लंदन से छपी कैट्स टॉक कहानी संग्रह की वैश्विक पटल पर व्यापक चर्चा हुई है। अब वह नदी रंग जैसी लड़की उपन्यास का अंग्रेजी अनुवाद कर रही हैं। इस दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि किसी कृति का एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवाद होना जहां उस किताब की पाठकों तक पहुंच बनाता है वहां एक दूसरी भाषाओं के इतिहास, संस्कृति और स्थानीयता से भी परिचय होता है। आयोजित संगोष्ठी में मंच का संचालन कवि मोटीवेटर जगदीश बाली ने किया। कहानीकार दीप्ति सारस्वत ने अनुवादक लेखकों से सभी उपस्थित साहित्य प्रेमियों को परिचित करवाया।
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हरनोट का एक और उपन्यास अंग्रेजी में होगा प्रकाशित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच की ओर से शुक्रवार को गेयटी थियेटर में राष्ट्रीय मलयालम अनुवाद संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान हिंदी से मलयालम में अनुवादित की गईं चार पुस्तकों का लोकार्पण किया।
पुस्तकों का लोकार्पण संपादक हेमंत ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर किया। इस अवसर पर प्रख्यात आलोचक डॉ. हेमराज कौशिक, वरिष्ठ लेखिका एवं अनुवादक प्रो. मीनाक्षी एफ पॉल, केरल से आए लेखक अनुवादक प्रो. श्रीलता विष्णु, डॉ. मोहनन वीटीवी और डॉ. इंदु केवी मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में एसआर हरनोट के उपन्यास नदी रंग जैसी लड़की और हिडिंब उपन्यास के अनुवाद श्रीलता विष्णु तथा मोहनन वीटीवी ने किया। राजन तनवर के कविता संग्रह कोई बांध लो मुझे का अनुवाद संयुक्त रूप से मोहनन और इंदु ने किया है। मीनाक्षी पॉल ने बताया कि वह एसआर हरनोट की कई कहानियों के अनुवाद कर चुकी हैं जिनमें कैंब्रिज स्कॉलर लंदन से छपी कैट्स टॉक कहानी संग्रह की वैश्विक पटल पर व्यापक चर्चा हुई है। अब वह नदी रंग जैसी लड़की उपन्यास का अंग्रेजी अनुवाद कर रही हैं। इस दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि किसी कृति का एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवाद होना जहां उस किताब की पाठकों तक पहुंच बनाता है वहां एक दूसरी भाषाओं के इतिहास, संस्कृति और स्थानीयता से भी परिचय होता है। आयोजित संगोष्ठी में मंच का संचालन कवि मोटीवेटर जगदीश बाली ने किया। कहानीकार दीप्ति सारस्वत ने अनुवादक लेखकों से सभी उपस्थित साहित्य प्रेमियों को परिचित करवाया।
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