फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Former secretary arrested for chaos in cooperative society in una himachal

ऊना: सहकारी सभा में हुए गोलमाल को लेकर पूर्व सचिव गिरफ्तार

Sat, 22 Jan 2022 07:29 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Published by: Krishan Singh Updated Sat, 22 Jan 2022 07:29 PM IST
सार

एसआईयू ने ईसपुर कृषि सेवा सोसायटी में हुए गोलमाल को लेकर पूर्व सचिव को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बेटे को पहले ही मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआईयू इस मामले में जांच पड़ताल कर रही है। आरोपी तिलक राज (70) निवासी ईसपुर तहसील हरोली जिला ऊना गोलमाल में संदिग्ध था और उसके लिखावट नमूने लिए गए थे। 

विज्ञापन
Former secretary arrested for chaos in cooperative society in una himachal
गिरफ्तार(सांकेतिक) - फोटो : Social Media

विस्तार

राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो शिमला की एसआईयू ने ईसपुर कृषि सेवा सोसायटी में हुए गोलमाल को लेकर पूर्व सचिव को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बेटे को पहले ही मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआईयू इस मामले में जांच पड़ताल कर रही है। आरोपी तिलक राज (70) निवासी ईसपुर तहसील हरोली जिला ऊना गोलमाल में संदिग्ध था और उसके लिखावट नमूने लिए गए थे। इन्हें जांच के लिए एसएफएसएल जुन्गा भेजा गया था। लैब रिपोर्ट के परिणामों से मामले में आरोपी तिलक राज की संलिप्तता का पता चला। आरोपी अपने बेटे के सोसायटी सचिव के रूप में कार्यभार संभालने से पहले ईसपुर कृषि सेवा सोसायटी का सचिव रहा है। एसएफएसएल जुन्गा से प्राप्त नमूना हस्तलेखन के परिणामों में सामने आया है कि उसने ऋण के झूठे प्रो नोट लिखे हैं। इसके अलावा उसने 4.15 लाख रुपये के ऋण के आगे 8 लिखकर 84.15 लाख कर दिया है।

विज्ञापन


आरोपी मामले की जांच में शामिल था, लेकिन उसने सहयोग नहीं किया और इस बारे में सच्चाई नहीं बताई कि उसने गबन का पैसा कहां रखा है। मामले की जांच राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो शिमला की एसआईयू कर रही है। आरोपी तिलक राज की गिरफ्तारी की पुष्टि स्थानीय विजिलेंस डीएसपी अनिल मेहता ने की है। बता दें कि सात अक्तूबर 2020 को सोसायटी में हुए गोलमाल को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। सचिव पर नियमों को दरकिनार कर सीमा से अधिक से ऋण बांटने का आरोप है। सोसायटी से 60 लाख, 80 लाख, 95 लाख जैसे भारी-भरकम लोन अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के नाम से निकालकर सोसायटी के खाताधारकों के पैसे का गबन का आरोप है। इस तरह करीब 11 करोड़ से ज्यादा ऋण बांटे गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed