फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   former MLA Rakesh Verma funeral performed in ancestral village

पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व विधायक राकेश वर्मा, पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

Thu, 21 May 2020 10:37 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, ठियोग (रामपुर बुशहर)
अमर उजाला नेटवर्क, ठियोग (रामपुर बुशहर) Published by: Krishan Singh Updated Thu, 21 May 2020 10:37 PM IST
विज्ञापन
former MLA Rakesh Verma funeral performed in ancestral village
- फोटो : अमर उजाला

शिमला जिले के ठियोग के पूर्व विधायक और भाजपा के कद्दावर नेता राकेश वर्मा के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। गुरुवार को पूर्व विधायक राकेश वर्मा की पार्थिव देह का उनके पैतृक गांव में पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले उनकी पार्थिव देह ठियोग पहुंचाई गई तो स्थानीय विश्राम गृह के समीप क्षेत्र की जनता ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। 

विज्ञापन


अंतिम संस्कार के दौरान शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, भाजपा के वरिष्ठ नेता संदीपनी भारद्वाज, शशि बाला, एपीएमसी के चेयरमैन नरेश शर्मा, पंचायत समिति अध्यक्ष मदनलाल वर्मा, ठियोग के विधायक राकेश सिंघा और दीपक राठौर, एसडीएम ठियोग केके शर्मा, डीएसपी कुलविंद्र सिंह सहित क्षेत्र के करीब 800 से ज्यादा लोग शामिल हुए।
विज्ञापन


ठियोग के मौजूदा विधायक राकेश सिंघा ने घटना पर गहरा दुख जताया है।कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि राकेश वर्मा उनके बीच नहीं रहे। उनके जाने से ठियोग को बड़ी हानि हुई है। ठियोग के विकास को राकेश वर्मा ने पार्टी से दूर रहते हुए भी विकास कार्य किए हैं।  ठियोग शहर के व्यापारियों ने शोक स्वरूप पूरा बाजार बंद रखा और श्रद्धांजलि अर्पित की।  राकेश वर्मा ने अपनी राजनीति एनएसयूआई में अध्यक्ष के तौर पर शुरू की थी। इसके बाद वर्ष 1993 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा। गत 23 वर्षों में उन्होंने पांच बार विधानसभा चुनाव लड़ा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पहाड़ी गीतों में भी खूब होता था राकेश वर्मा का जिक्र : बिंदल 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने पूर्व विधायक राकेश वर्मा के आकस्मिक निधन पर दुख जताया है। वह अपने पीछे पत्नी इंदु वर्मा व तीन बच्चे छोड़ गए हैं। बिंदल ने कहा कि राकेश वर्मा का जन्म 28 अप्रैल, 1962 को हुआ था। वर्ष 1983 से छात्र राजनीति से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। वह छात्र राजनीति में भी खासे सक्रिय रहे। 1993 में भाजपा टिकट पर चुनाव लड़कर कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री विद्या स्टोक्स को हराकर मात्र 31 वर्ष की आयु में पहली बार विधानसभा पहुंचे। कहा कि राकेश वर्मा ने वर्ष 2003 और 2007 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था।

वह अपने राजनीतिक जीवन काल में दो बार विधायक रहे। वर्मा को एक मददगार, समाजसेवी व्यक्ति के रूप में लोग ज्यादा जानते थे। इनका जिक्र पहाड़ी गीतों में भी खूब होता था। लोगों का कहना है कि वह गरीबों के मददगार थे। ठियोग क्षेत्र के विकास की गति में सहायक ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाने का श्रेय भी उन्हें जाता है। राकेश वर्मा पूर्व डीपीजी और राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रतीराम वर्मा के पुत्र थे। रतीराम वर्मा को वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल की ओर से लाइफ टाइम अचीवमेंट इआरटी अवार्ड से नवाजा गया था। राकेश वर्मा कोरोना संकट में सक्रिय रूप से दायित्व निभा रहे थे। उन्होंने खुद मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच कर मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान किया था।


नड्डा ने पूर्व विधायक के निधन पर जताया शोक 
 भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि उनके छात्र जीवन के साथी और उनके साथ वर्ष 1983 में अपना चुनावी जीवन शुरू करने वाले मित्र पूर्व विधायक राकेश वर्मा के आकस्मिक निधन की खबर सुनकर मन अत्यंत दुखी हुआ है। राकेश मृदुभाषी, सौम्य स्वभाव और सबको साथ लेकर चलने वाले व्यक्ति थे। उनकी कमी उन्हें बहुत खलेगी। उन्होंने कहा कि शोक संतप्त परिवार के साथ वह सभी खड़े हैं ईश्वर उनको इस दुख सहने की ताकत दें और पुण्य आत्मा को शांति दे।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed