{"_id":"bc7c86e2e00e94ddf2d4e679685df36b","slug":"former-cm-pk-dhumal-statement-over-budget-session-of-himachal-assembly-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेपर लेस नहीं, स्पीच लेस है बजट सत्र: धूमल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेपर लेस नहीं, स्पीच लेस है बजट सत्र: धूमल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 11 Mar 2015 09:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने को विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में बजट सत्र को पेपर लेस नहीं बल्कि स्पीच लेस करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण पांच मिनट में खत्म कर दिया। कांग्रेस सरकार जिस घोषणा पत्र को नीतिगत दस्तावेज बनाने की बात कर रही है, उसी के सबसे बड़े चुनावी वादे को निभा नहीं पाई।
विज्ञापन
आज भी बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला। धर्मशाला में जिस कैबिनेट ने शराब के ठेकों को खुली नीलामी से देने का फैसला लिया, उस फैसले को शिमला पहुंचते-पहुंचते पलट दिया। भारी दबाव में इस फैसले को पलटा गया है, जिसका जवाब हर कोई जनना चाहता है।
विज्ञापन
अभिभाषण में उल्लेख किया गया है कि पेपर लेस काम करने से छह हजार पेड़ों को बचाया जा सकेगा। राजधानी और वन मंत्री के गृह क्षेत्र में हजारों पेड़ों की बलि दे दी गई और बात की जा रही है पेपर लेस काम की। उन्होंने पूछा कि सरकार इस पर मौन क्यों है?
विज्ञापन
धूमल ने आरोप लगाया कि हिमाचल में वन, शराब, भू और खनन माफिया सक्रिय है। जनवरी में भाजपा कार्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया। उस मामले में मुख्यमंत्री ने जांच से पहले ही क्लीन चिट दे दी। धूमल ने कहा कि इन तमाम मामलों को सदन में उठाया जाएगा।