पूर्व केंद्रीय मंत्री बोले, म्यांमार मामले में बड़बोलापन दिखा रही मोदी सरकार
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पूर्व केंद्रीय वाणिज्य मंत्री एवं राज्यसभा में उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि म्यांमार मामले में केंद्र की मोदी सरकार बड़बोलापन दिखाकर देश को परेशानी में डाल रही है। मोदी सरकार के मंत्री म्यांमार में आतंकियों को मारने के मामले में हद पार कर बयानबाजी कर रहे हैं। जो बयान सुरक्षा बल अधिकारी ने दिया था, सरकार को उसी तक सीमित रहना चाहिए था। म्यांमार की सरकार ने तो आतंकियों को मारने में सहयोग ही किया है।
उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों में मुखियाओं के पद जानबूझकर खाली रखे गए हैं। हर विभाग में आरएसएस के लोगों को फिट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने तो योजनाओं के महज नाम ही बदले हैं। बहुत सी योजनाएं तो पुरानी चल रही हैं। आनंद शर्मा रविवार को राजीव भवन शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार सचमुच देश में बहुत बड़ा परिवर्तन लाने के प्रयास में होती तो यह तय था कि इसके बजट में भी यह बात झलकती। पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।
'क्या मोदी के आने से पहले नहीं पढ़ी जाती थी गीता'
शिक्षा विभाग के बजट पर भारी कटौती गई है। कृषि क्षेत्र के बजट में भी कट लगाया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के दावे वास्तविकता से हटकर हैं। जनधन योजना को स्वाभिमान अभियान नाम से वर्ष 2006 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि खोले गए 75 प्रतिशत खाते ऐसे हैं, जिनमें पैसा ही नहीं है।
उन्होंने इस योजना पर श्वेत पत्र जारी करने का आग्रह भी किया। निर्मल भारत योजना का नाम बदलकर इसे स्वच्छ भारत योजना का नाम दिया गया है। भाजपा और आरएसएस देश के युवाओं पर अपनी संकीर्ण विचारधारा थोपना चाहती है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि मोदी सरकार में भ्रष्टाचार नहीं हो रहा है। समय आने पर जनता के सामने कई सच्चाइयां सामने लाई जाएंगी।
आनंद शर्मा ने सवाल किया कि क्या नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से पहले भारत में गीता नहीं पढ़ी जाती थी? उन्होंने कहा कि यह धर्मनिरपेक्ष देश है। इस देश में सभी वर्गों को सम्मान दिए जाने की जरूरत है। आनंद शर्मा ने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में सेब के आयात शुल्क को कम नहीं होने दिया गया, बल्कि इस पर बाउंड टैरिफ लगाए गए। इससे विदेशों से सेब का आयात ज्यादा नहीं हो सका। अब इस पर केंद्र की भाजपा सरकार को सोचना चाहिए। इस पर बाउंड टैरिफ लगाए रखने चाहिए।