गुड़िया मामले में पूर्व एसपी नेगी को हाईकोर्ट से जमानत
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गुड़िया दुष्कर्म और हत्या से जुड़े सूरज लॉकअप हत्याकांड मामले में आरोपी आईजी जहूर जैदी की सुप्रीम कोर्ट से जमानत के 12 दिन बाद हिमाचल हाईकोर्ट ने गुरुवार को मामले में आरोपी पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी को भी जमानत दे दी।
नेगी शिमला की कैथू जेल में 17 महीने से बंद थे। गुरुवार को न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर ने नेगी की ओर से दायर जमानत याचिका की सुनवाई के बाद तीन लाख रुपये के निजी और उतनी ही राशि के दो जमानतियों की ओर से मुचलके पेश करने के बाद रिहा करने के आदेश पारित किए।
आरोपी सात पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अभी भी सलाखों के पीछे हैं। ठियोग पुलिस लॉकअप में गुड़िया के साथ दुष्कर्म और हत्या के कथित आरोपी सूरज की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में सीबीआई ने पूर्व आईजी जैदी समेत आठ पुलिस कर्मचारियों को 29 अगस्त, 2017 को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद 16 नवंबर, 2017 को शिमला के पूर्व एसपी नेगी को गिरफ्तार किया था। अब मामले में दो अधिकारियों को जमानत मिलने के बाद जेल में बंद डीएसपी मनोज जोशी समेत सात पुलिस कर्मियों काे भी जेल से बाहर आने की उम्मीद बढ़ गई है।
यह था मामला
शिमला जिले के कोटखाई में दसवीं की छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। 6 जुलाई, 2017 को गुड़िया का क्षत-विक्षत शव हलाइला के जंगल में मिलने के बाद जांच आईजी जैदी की अध्यक्षता वाली एसआईटी को दी गई।
पुलिस ने नेपाली मूल के व्यक्ति सूरज के अलावा पांच अन्य को गिरफ्तार कर मामला सुलझाने का दावा किया। पुलिस के इस दावे पर कई सवाल भी उठे। इसी बीच 18 जुलाई की रात कोटखाई थाने में सूरज की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। पुलिस ने एक अन्य आरोपी पर सूरज की हत्या का मामला दर्ज कर दिया।
19 जुलाई को हाईकोर्ट ने गुड़िया व सूरज हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई ने 29 अगस्त, 2017 को आईजी जैदी समेत आठ कर्मचारियों को सूरज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। साथ ही कोर्ट ने पुलिस की ओर से पकड़े सभी आरोपियों को निर्दोष मानते हुए छोड़ दिया था।