वन्य अपराध रोकने के लिए जंगलों में अब डॉग स्कवायड रहेगा तैनात
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वन्य अपराध रोकने के लिए जंगलों में अब डॉग स्कवायड तैनात रहेगा। वन रक्षकों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित खोजी कुत्तों से जंगलों की निगरानी कराने की शुरुआत कुल्लू जिले से होगी। यहां से वन रक्षकों को विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है जो नौ महीने का प्रशिक्षण ग्वालियर में लेंगे। पहले चरण में कुल्लू जिले के वन रक्षक प्रशिक्षण लेंगे।
इसके बाद अन्य जिलों से भी वन रक्षकों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। अभी तीर्थन रेंज के दो वन रक्षकों को ग्वालियर एसएसबी सेंटर में प्रशिक्षण लेने के लिए भेजा जा रहा है। 9 महीने की ट्रेनिंग के बाद इन वन रक्षकों और स्निफर डॉग्स (खोजी कुत्ते) को नेशनल पार्क कुल्लू में तैनात किया जाएगा। जो पूरे नेशनल पार्क की गतिविधि पर नजर रखेंगे।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एक गार्ड को पहले ही ग्वालियर भेजा गया है जो दिसंबर माह तक वापस आ जाएगा। प्रदेश में वन्य अपराध को रोकने के लिए पहली बार वाइल्ड लाइफ क्राइम दिल्ली ब्रांच से स्निफर डॉग लाएगा। वर्तमान में पूरे प्रदेश में वन विभाग के पास किसी भी तरह के डॉग स्क्वायड की सुविधा नहीं है।
आठ साल ली जाएगी कुत्तों की सेवा
वन अरण्यपाल ने कहा कि इन कुत्तों की सेवा सिर्फ आठ साल ली जाएगी। इसके बाद इन्हें रिटायर कर दिया जाएगा। आठ साल तक इनका पूरा खर्चा वन विभाग उठाएगा और इन डॉग्स की पूरी रिपोर्ट वाइल्ड लाइफ क्राइम ब्रांच दिल्ली को भेजी जाएगी।
दो गार्ड जा रहे प्रशिक्षण लेने
वन्य अपराध को रोकने के लिए विभाग डॉग स्कवायड बना रहा है। इसके लिए जीवालाल और तीर्थन रेंज से दो गार्ड ग्वालियर प्रशिक्षण के लिए जा रहे हैं। इन गार्ड को यहां पर डॉग स्कवायड संबंधित पूरा प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक गार्ड पहले से ही वहां पर प्रशिक्षण ले रहा है। आने वाले समय से अन्य जिलों से भी गार्ड प्रशिक्षण के लिए भेजे जाएंगे। - आरएस पटियाल, वन अरण्यपाल, बिलासपुर।