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फॉरेस्ट गार्ड मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा ये सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 03 Aug 2017 01:15 PM IST
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प्रदेश हाईकोर्ट में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत की जांच पर लिए गए संज्ञान के मामले में सुनवाई 9 अगस्त के लिए टल गई। मामले की सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने कोर्ट मित्र की ओर से जांच पर उठाए सवालों को सुनने के बाद महाधिवक्ता को अगली सुनवाई तक सरकार से यह स्पष्टीकरण लेने को कहा कि क्या इस मामले को सीबीआई को सौंपने पर सरकार को कोई आपत्ति होगी?
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फॉरेस्ट गार्ड की मौत के मामले में हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त एमिक्स क्यूरी ने एसआईटी और पुलिसिया जांच पर कई गंभीर सवाल उठाए थे। एमिक्स क्यूरी ने कहा था कि होशियार सिंह की ओर से कथित तौर पर खाया गया जहर कहां से आया? किसने बेचा? किसने खरीदा? यह जांच के विषय में नहीं जोड़ा गया।
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जांच में पाया गया कि होशियार सिंह ने 5 जून को सुबह करीब पौने 9 बजे एक टीजीटी मास्टर के घर दाल चावल, स्लाद और आलू मटर खाए थे जबकि, 10 तारीख को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी होशियार सिंह के पेट में यही पदार्थ पाए गए। डॉक्टरों के ओपिनियन के अनुसार पेट में खाना 4 से 6 घंटों में पच जाता है।
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अगर जहर खाया हो तो यह प्रक्रिया कुछ और देरी से पूरी होती है। एमिक्स क्यूरी के अनुसार होशियार सिंह की मौत के समय की पुख्ता जानकारी होना बहुत जरूरी है। इससे मौत की असल वजह जानने में बहुत हद तक मदद मिलेगी। 5 से 9 जून के बीच घटनास्थल पर बारिश हुई या नहीं, इस बारे भी जांच नहीं की गई।
इसका सीधा संबंध उल्टियों के धुलने से हो सकता है। वन माफिया पर अभी तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और न ही कोई बड़ी गिरफ्तारी जिससे इस मौत की असल वजह का पता चल सके। इससे पहले एमिक्स क्यूरी ने मामले की सुनवाई के दौरान मांग की थी कि होशियार सिंह की मौत की जांच पर निगरानी स्वयं हाईकोर्ट रखे ताकि जांच सही और निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़े। सरकार ने इस पर अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है।