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Forest Fire: सीएम सुक्खू बोले-अग्निशमन विभाग में शामिल होगी एनडीआरएफ की बटालियन
Mon, 03 Jun 2024 06:52 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 03 Jun 2024 06:52 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वन विभाग के अधिकारियों को आग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल सख्त कदम उठाने के साथ दीर्घकालिक उपाय करने के निर्देश दिए।
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सीएम सुक्खू ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में आग की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार गंभीर है। इसके लिए अग्निशमन विभाग में एनडीआरएफ की एक प्रशिक्षित बटालियन गठित करने पर विचार किया जा रहा है। ताकि, आग की घटनाओं को आसानी से काबू किया जा सके। सुक्खू ने सोमवार को सचिवालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष अब तक वनों में 1,318 आग की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं से 2,789 हेक्टेयर हरित क्षेत्र सहित 12,718 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है जिससे 4.61 करोड़ रुपये का प्रारंभिक वित्तीय नुकसान आंका गया है।
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उन्होंने कहा कि वनों में आग लगने की घटनाओं को नियंत्रित करने और इससे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए राज्य सरकार अग्निशमन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित एनडीआरएफ की बटालियन गठित करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि 374 वन बीट आग लगने की घटनाओं के लिए अत्यधिक संवेदनशील हैं और इन क्षेत्रों में अग्निशमन सेवाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाना चाहिए। आग लगने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए वन विभाग के अधिकारियों को जंगलों को आग से बचाने के लिए तत्काल सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने इन प्रयासों में जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लोगों से भी सहयोग की अपील की।
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सुक्खू ने वनों में विशिष्ट प्रजातियों के पौधों के साथ-साथ शंकुधारी पौधों के क्षेत्रों में विविध प्रजाति के पौधे लगानेे पर बल दिया। ताकि वनों में नमी बनी रहे और आग की घटनाओं में कमी लाई जा सके। उन्होंने वन विभाग को आग की घटनाओं के कारणों की जांच करने और आवश्यक कार्यवाही की सिफारिश करने के लिए सरकारी एजेंसी से अध्ययन करवाने के निर्देश भी दिए। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव वन डॉ. अमनदीप गर्ग, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन) राजीव कुमार मौजूद रहे।
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