{"_id":"641b0dcf35c701f07a0d7456","slug":"forest-department-took-out-the-bear-trapped-in-the-irrigation-tank-on-the-second-day-2023-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: वन विभाग ने दूसरे दिन निकाला सिंचाई टैंक में फंसा भालू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: वन विभाग ने दूसरे दिन निकाला सिंचाई टैंक में फंसा भालू
Wed, 22 Mar 2023 07:47 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, ननखड़ी (रामपुर बुशहर)
संवाद न्यूज एजेंसी, ननखड़ी (रामपुर बुशहर)
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 22 Mar 2023 07:47 PM IST
सार
शिमला जिले के ननखड़ी की करांगला पंचायत के ढारन गांव में सिंचाई टैंक में फंसे भालू को बचाव टीम ने दूसरे दिन टैंक से बाहर निकालने में सफलता पाई है।
विज्ञापन
भालू को सिंचाई टेंक से निकाला।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के ननखड़ी की करांगला पंचायत के ढारन गांव में सिंचाई टैंक में फंसे भालू को बचाव टीम ने दूसरे दिन टैंक से बाहर निकालने में सफलता पाई है। बुधवार को मौके पर पहुंची वन विभाग की बचाव टीम और स्थानीय लोगों ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भालू को टैंक से बाहर निकाला और पिंजरे में कैद किया।
विज्ञापन
अब वन विभाग की टीम इस भालू को वन्य अभ्यारण केंद्र टूटी कंडी शिमला ले जाएगी, जहां भालू की स्वास्थ्य जांच के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा। गौर हो कि सोमवार देर रात को ननखड़ी की करांगला पंचायत के ढारन गांव में देवेंद्र सिंह पुत्र भगवान दास के खेत में बने सिंचाई टैंक में भालू घुस गया था। मंगलवार को खेत मालिक ने इसकी जानकारी वन विभाग ननखड़ी को दी, इसके बाद वन विभाग ने भालू को टैंक से बाहर निकालने के लिए रामपुर से बचाव टीम बुलाई।
विज्ञापन
बुधवार को विभाग की टीम रामपुर से मौके पर पहुंची और बचाव अभियान में जुट गई, लेकिन घबराया हुआ भालू टीम पर हमला करने लगा। इसके बाद पशुपालन विभाग से डॉक्टर को बुलाया गया और भालू को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया। वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने सिंचाई टैंक से फंसे भालू को करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। इस दौरान वन रक्षक संजय, वेटनरी डॉक्टर अमित, करांगला पंचायत प्रधान निशा देवी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
उधर, वन विभाग ननखड़ी के आरओ राजेश्वर कल्याण ने बताया कि बुधवार को करीब चार घंटे तक भालू को टैंक से निकालने का कार्य चला। अब इस भालू को शिमला के टूटीकांडी ले जाया जाएगा, जहां उसकी स्वास्थ्य जांच करने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।