वन विभाग की कार्रवाई: अवैध खनन, कटान पर वन रक्षक और बीओ निलंबित
मंडी जिले के नाचन वन मंडल के तहत चैलचौक की पथरी बीट में अतिक्रमण और अवैध खनन के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद वन अरण्यपाल मंडी ने वन रक्षक और वन खंड अधिकारी (बीओ) बासा को निलंबित कर दिया है।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के नाचन वन मंडल के तहत चैलचौक की पथरी बीट में अतिक्रमण और अवैध खनन के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद वन अरण्यपाल मंडी ने वन रक्षक और वन खंड अधिकारी (बीओ) बासा को निलंबित कर दिया है। नाचन कांग्रेस ने मामले को उजागर किया था। इसके बाद वन विभाग ने अवैध खनन की डीआर काटकर एफआईआर दर्ज करवाई। सोमवार को वन अरण्यपाल मंडी एसके मुसाफिर और डीएफओ नाचन टीआर धीमान ने अवैध खनन वाली जगह का दौरा किया। यहां मौके पर तलब किए गए वन खंड अधिकारी और वन रक्षक कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। लिहाजा, दोनों को निलंबित कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि खनन के बाद सैकड़ों हरेभरे पेड़ों के गायब होने पर वन विभाग ने एक क्रशर मालिक व एक ठेकेदार पर गोहर पुलिस ने मामला दर्ज कराया था। वन विभाग के वन रक्षक विजय कुमार की ओर से पुलिस को दी शिकायत में कहा गया था कि चैलचौक के समीप विभिन्न प्रजातियों के हरेभरे पेड़ गायब हैं। करीब आठ से दस बीघा जमीन को मैदान बना दिया गया है। अनेक बार आरोपियों को काम रोकने के लिए कहा गया लेकिन जान से मारने की धमकियां मिलती हैं। उधर, कांग्रेस नेता लाल सिंह कौशल ने अवैध खनन की जांच एसआईटी से कराने की मांग की है। बताया जा रहा है कि वन मंत्री राकेश पठानिया ने मंगलवार को मंडी में डीएफओ नाचन और वन अरण्यपाल को पूछताछ के लिए तलब किया है।