Foreign Tourists Manali: मनाली में घटे विदेशी सैलानी, मई में पहुंचे महज 195 पर्यटक, जानें वजह
पर्यटन विभाग से जुटाए आंकड़ों के अनुसार कोरोना संकट से पूर्व वर्ष 2019 के मुकाबले इस वर्ष 2022 में विदेशी पर्यटकों का आंकड़ा बेहद कम रहा। जनवरी महीने में मनाली में 36, फरवरी में 23 मार्च में 36, अप्रैल में 65 और मई महीने में 195 विदेशी पर्यटक ही पहुंचे।
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कोरोना संकट के बाद विदेशी मेहमान मनाली की वादियों में कम आ रहे हैं। दो वर्ष तक कोरोना संकट के दौरान हवाई सेवाएं बंद रहने और अब कई देशों को वीजा नहीं मिलने के कारण मनाली आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी कमी दर्ज की जा रही है। इसका सीधा असर पर्यटन कारोबार पर पड़ा है। विदेशी मेहमान नहीं आने से पर्यटन कारोबारी एक तरह से बैकफुट पर आ गए हैं। कोरोना संकट के बाद सब कुछ सामान्य हो गया है। बावजूद मनाली में मई महीने में विदेशी पर्यटकों की संख्या महज 195 ही रही। जबकि वर्ष 2019 में कोरोना संकट से पहले यह संख्या 12 हजार का आंकड़ा पार कर गई थी। मई और जून महीने में मनाली में विदेशी पर्यटक भारी संख्या में पहुंचते हैं।
मनाली की शांत वादियों में रहने के शौकीन विदेशी पर्यटक ग्रामीण क्षेत्रों में रहना पसंद करते हैं। मनाली के कई गांव विदेशी मेहमानों से भरे रहते थे, लेकिन इस वर्ष विदेशी मेहमानों की संख्या में कमी है। पर्यटन विभाग से जुटाए आंकड़ों के अनुसार कोरोना संकट से पूर्व वर्ष 2019 के मुकाबले इस वर्ष 2022 में विदेशी पर्यटकों का आंकड़ा बेहद कम रहा। जनवरी महीने में मनाली में 36, फरवरी में 23 मार्च में 36, अप्रैल में 65 और मई महीने में 195 विदेशी पर्यटक ही पहुंचे। वर्ष 2019 में यह आंकड़ा कई अधिक था। 2019 में जनवरी में 3,250, फरवरी में 3,352, मार्च में 8,733, अप्रैल में 8,318 और मई महीने में 12,479 विदेशी पर्यटक मनाली में पहुंचे थे। संवाद
यात्रा नियमों में बढ़ी औपचारिकताओं से घटे सैलानी
होटलियर एसोसिएशन मनाली के उपाध्यक्ष रोशन ठाकुर का कहना है कि इस वर्ष विदेशी पर्यटकों की संख्या नाममात्र है। कोराना के कारण विदेश यात्रा के नियमों में औपचारिकताएं बढ़ने के कारण यह हुआ है। आने वाले दिनों में विदेशी पर्यटकों के बढ़ने की उम्मीद है। हाई एडवेंचर टूअर एंड ट्रेवल के संचालक राकेश रावत का कहना है कि कोरोना संकट के बाद बाहरी देशों को जाना और विदेश से आना आसान नहीं रहा। वीजा नियम में काफी बदलाव हुए हैं। इसकी औपचारिकताएं भी बढ़ी है। वीजा के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है। इस वजह से इस वर्ष विदेशी पर्यटकों की संख्या में बेहद कमी दर्ज की जा रही है।