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हिमाचल में विदेशी तकनीक से मजबूत होगा स्कूलों में शिक्षा का ढांचा
Wed, 02 Oct 2019 01:56 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 02 Oct 2019 01:56 PM IST
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फाइल फोटो
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हिमाचल में प्री-प्राइमरी स्कूलों का ढांचा मजबूत करने के लिए विदेशी तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। बीते सप्ताह चीन में कार्यशाला में भाग लेकर लौटे प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने बताया कि वर्ल्ड बैंक की ओर से करवाई गई कार्यशाला में विभिन्न देशों ने अपनी योजनाओं को साझा किया है। कुछ योजनाएं बहुत अधिक प्रभावित करने वाली रहीं।
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इनका अनुसरण अब हिमाचल में प्री-प्राइमरी स्कूलों को संवारने में किया जाएगा। कार्यशाला में हिमाचल के अलावा केरल और मध्य प्रदेश के शिक्षा सचिवों सहित केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने भी भाग लिया। पंत ने बताया कि प्री-प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। जब बच्चे प्री-प्राइमरी से ही सरकारी स्कूलों में दाखिला लेंगे तो बड़ी कक्षाओं में भी अपनी पढ़ाई सरकारी स्कूलाें में जारी रखेंगे।
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कई देशों में प्री-प्राइमरी स्कूलों को इस तरह से ही सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि प्राइमरी कक्षाओं को भी आधुनिक बनाया जाएगा। सचिव ने बताया कि बीते दिनों ही केंद्र सरकार ने शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए शुरू किए गए स्टार्स प्रोजेक्ट में हिमाचल को भी शामिल कर लिया है। भारत सरकार ने स्टार्स को स्ट्रेथनिंग टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट फार स्टेट्स के नाम का दर्जा दिया है।
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हिमाचल के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल, उड़ीसा और महाराष्ट्र को प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इन सभी राज्यों को वर्ल्ड बैंक फंडिंग करेगा। छह साल तक हर राज्य को 500 करोड़ का बजट दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा पर जोर देते हुए अधिक से अधिक कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाएंगे। शिक्षकों के प्रशिक्षण केंद्रों को आधुनिक किया जाएगा। शिक्षक ट्रेनिंग में बदलाव किया जाएगा। एमआईएस डाटा एकत्र करनेे के लिए नए तरीके अपनाए जाएंगे।