सुहाने सफर का लगेगा शुल्क, शिमला-धर्मशाला फोरलेन पर पांच जगह देना होगा टोल टैक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला-धर्मशाला फोरलेन हाईवे पर पांच जगह टोल प्लाजा होंगे। पांच हजार करोड़ से बनने वाले करीब दो सौ किलोमीटर लंबे इस फोरलेन को पांच भागों में बांट दिया गया है। भूमि अधिग्रहण के बाद टोल प्लाजा के लिए स्थान भी चिह्नित कर दिए जाएंगे। फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। छह महीने के भीतर इस महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का काम शुरू हो जाएगा।
चार घंटे में पहुंचेंगे धर्मशाला से शिमला, 5000 करोड़ से बनेगा फोरलेन
फोरलेन बनने के बाद चार घंटे में शिमला से धर्मशाला पहुंच सकेंगे। अभी शिमला से धर्मशाला पहुंचने में करीब आठ घंटे लग जाते हैं। फोरलेन बनने के बाद शिमला-धर्मशाला के बीच सुहाने सफर का शुल्क भी चुकाना होगा। अपर और लोअर हिमाचल की दूरी को कम करने वाली इस परियोजना को एनएचएआई ने पांच हिस्सों में बांट दिया है।
धर्मशाला से ज्वालामुखी, ज्वालामुखी से हमीरपुर, हमीरपुर से घुमारवीं, घुमारवीं से भराड़ीघाट और भराड़ीघाट से शिमला अलग-अलग भाग में यह फोरलेन बनेगा। हर पैकेज पर एक-एक हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण तक काम अलग से आवंटित होगा। फोरलेन के इन पांचों भागों में एक-एक टोल प्लाजा बनेगा। यहां वाहन चालकों को सफर की एवज में टोल चुकाना होगा।
ब्रह्मपुखर-कंदरौर डबललेन पर भी टोल प्लाजा
टोल टैक्स कितना होगा, यह बाद में तय होगा। समयबद्ध और बेहतर तरीके से काम के मकसद एनएचएआई ने फोरलेन को पांच भागों में बांटा है। अभी धर्मशाला से ज्वालामुखी के बीच भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। अन्य जगह भी प्रक्रिया चल रही है।
भू अधिग्रहण के बाद जल्द ही चरणबद्ध फोरलेन के काम के लिए टेंडर आवंटित कर दिए जाएंगे। एनएचएआई ने आगामी छह माह में काम शुरू करने का लक्ष्य रखा है। एनएचएआई के शिमला-धर्मशाला फोरलेन के परियोजना निदेशक वाईए राउत ने बताया कि शिमला-धर्मशाला फोरलेन पांच पैकेज में बनेगा। इसमें पांच टोल प्लाजा होंगे।
ब्रह्मपुखर से कंदरौर सड़क को भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अपने अधीन ले लिया है। इसे भी डबललेन किया जा रहा है। इस मार्ग में कुछ हिस्सा किरतपुर से नेरचौक तक बन रहे फोरलेन की सड़क का उपयोग में लाया जाएगा। इसके चलते यहां पर एक टोल प्लाजा बनाया जाएगा, लेकिन उसका जिम्मा किरतपुर-नेरचौक फोरलेन बनाने वालों के पास होगा।