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नीति आयोग: हिमाचल के पांच स्कूलों को अटल टिंकरिंग लैब स्कूल ऑफ द मंथ का खिताब

Thu, 13 Feb 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी/नगवाईं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी/नगवाईं Published by: Krishan Singh Updated Thu, 13 Feb 2020 05:00 AM IST
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Five schools in Himachal got the title of Atal Tinkering Lab School of the Month
नीति आयोग

भारत सरकार के नीति आयोग ने हिमाचल के पांच स्कूलों को पहली बार एक साथ अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) स्कूल ऑफ द मंथ के खिताब से नवाजा है। यह रेटिंग नवंबर की है, जो फरवरी में जारी की गई है। नीति आयोग से इन स्कूलों को प्रशस्ति पत्र भी जारी हो चुके हैं। सम्मान पाने वाले पांच स्कूलों में दो स्कूल जिला मंडी के ही हैं। विजय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मंडी, रावमापा नगवाईं स्कूल मंडी के अलावा कांगड़ा, हमीरपुर और ऊना के तीन स्कूलों को भी इसमें शामिल किया गया है। 

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उल्लेखनीय है कि देश भर के स्कूलों में स्थापित आधुनिक अटल टिंकरिंग लैब की ओर से विद्यार्थियों द्वारा जो भी कार्य किया जाता है, उसे अटल लैब की साइट पर अपलोड किया जाता है। इसमें विभिन्न प्रकार के प्रोजेक्ट व महीने भर की गतिविधियों को दर्शाया जाता है, इन गतिविधियों का भारत सरकार की अटल इनोवेशन मिशन और नीति आयोग अवलोकन करता है। इस आकलन में जो विद्यालय सर्वश्रेष्ठ आते हैं, उन्हें एटीएल स्कूल ऑफ द मंथ के पुरस्कार से नवाजा जाता है। एटीएल में रोबोटिक से संबंधित रोचक अध्ययन करवाया जाता है, यह लैब भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा स्थापित की गई है। मंडी जिला से संबंधित स्कूल प्रबंधनों का कहना है कि पहली बार सूबे के एक साथ पांच स्कूलों को यह सम्मान मिला है। 
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दृष्टिहीनों का सहारा बनेगी रोबोटिक स्टिक, सुरंगों में धुंध और धूल से निजात
विजय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रधानाचार्य पीआर सैणी ने कहा कि स्कूल में लैब में करीब बीस मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। रोबोटिक संबंधित अध्ययन जारी रखते हुए होनहारों ने दृष्टिहीनों के लिए रोबोटिक स्टिक तैयार की है। जो दृष्टि बाधितों के लिए सहारा बनेगी। उसे लेकर दृष्टिहीनों को चलना आसान होगा। वहीं घर के साधारण कार्यों के लिए रोबोट भी बनाया जा रहा है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नगवाईं के प्रधानाचार्य अशोक शर्मा ने बताया कि दो दर्जन मॉडल पर काम किया जा रहा है, जिसमें माइक्रोपोसेसर प्रोग्रामिंग के अलावा एक रोबोटिक सिस्टम तैयार किया है, जिससे सुरंगों में धुंध और धूल नहीं इकट्ठा होगी।

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