फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Five percent wheat sold against the target in government sales centers

सरकारी बिक्री केंद्रों में लक्ष्य के मुकाबले पांच प्रतिशत बिका गेहूं

Thu, 23 Jun 2022 11:42 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jun 2022 11:42 PM IST
विज्ञापन
Five percent wheat sold against the target in government sales centers
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ऊना। हिमाचल प्रदेश में इस साल गेहूं बिक्री के लिए कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) की ओर से तैयार किए 11 बिक्री केंद्रों में लक्ष्य के मुकाबले केवल पांच प्रतिशत गेहूं की ही खरीद हो पाई है। सरकार ने इस बार बिक्री केंद्रों में किसानों की सुविधाओं के लिए अतिरिक्त बंदोबस्त किए हुए थे। इसके बावजूद किसानों ने बिक्री केंद्रों की बजाय व्यापारियों को फसल बेचना या उसे स्टॉक करना बेहतर समझा।
इस साल एपीएमसी ने प्रदेश भर के बिक्री केंद्रों में छह लाख क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा, लेकिन 15 अप्रैल से 15 जून तक चली खरीद प्रक्रिया में केवल 29,314 क्विंटल गेहूं ही खरीदा जा सका। किसान बिक्री केंद्रों में फसल न बेचने का कारण सरकारी औपचारिकताओं को बता रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें उनका अधिक समय नष्ट होने के साथ परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार प्रदेश में इस साल गेहूं खरीद के लिए सिरमौर में तीन, सोलन में दो, ऊना में दो, कांगड़ा में तीन और बिलासपुर में एक बिक्री केंद्र तैयार किया गया। इसमें सिरमौर में डेढ़ लाख क्विंटल गेहूं का लक्ष्य था और खरीद केवल 17,946 (12 प्रतिशत) क्विंटल गेहूं की हुई, जोकि प्रदेश में सबसे अधिक है। सोलन में 1.30 लाख क्विंटल खरीद लक्ष्य के मुकाबले 1,249 (0.96 प्रतिशत) क्विंटल गेहूं ही खरीदा गया। ऊना में भी 1.30 लाख क्विंटल गेहूं को खरीदने का लक्ष्य था और केवल 2,117 (1.63 प्रतिशत) क्विंटल गेहूं ही खरीद जा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

कांगड़ा के तीन बिक्री केंद्रों में 1.80 लाख क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य था और खरीद केवल 7695 क्विंटल गेहूं (4.27 प्रतिशत) की हुई। बिलासपुर में 10 हजार गेहूं खरीद का लक्ष्य था और केवल 203 क्विंटल (2.03 प्रतिशत) ही खरीद हो पाई। ऐसे में प्रदेशभर में निर्धारित लक्ष्य छह लाख क्विंटल के मुकाबले केवल 29314 (4.89) प्रतिशत फसल की ही खरीद हो पाई। किसानों का कहना है कि सरकारी बिक्री केंद्रों में ऑनलाइन बुकिंग समेत कई प्रकार की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद फसल खरीदी जाती है। वहीं, व्यापारी घर से फसल उठा रहे हैं और दाम भी अच्छे देते हैं। इसलिए उन्हें बिक्री केंद्रों में जाना घाटे का सौदा लगता है।

उधर, एपीएमसी ऊना के सचिव भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि इस साल बिक्री केंद्रों में उम्मीद के मुताबिक किसान नहीं पहुंचे। कहा कि किसानों की सुविधाओं के लिए केंद्रों में सुधारीकरण प्रक्रिया जारी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed