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फाइनेंसर के इंतजार में अटक गया नयनादेवी प्रोजेक्ट

Sun, 03 Apr 2016 11:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 03 Apr 2016 11:09 PM IST
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five MW naina devi solar energy project
सरकार ने नयनादेवी में पांच मेगावाट का सौर ऊर्जा पार्क बनाने की घोषणा की थी। - फोटो : डेमो पिक

नयनादेवी में सौर ऊर्जा पार्क स्थापित करने की सरकार की योजना लटक गई है। पांच मेगावाट के सौर ऊर्जा पार्क के लिए तैयार योजना को फ्रेंच विकास एजेंसी (एएफडी) और जर्मन विकास बैंक केएफडब्ल्यू ने वित्तपोषण से मना कर दिया है। अब प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) ने भारत सरकार से फाइनेंसर उपलब्ध कराने में मदद की गुहार लगाई है।

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सरकार ने नयनादेवी में पांच मेगावाट का सौर ऊर्जा पार्क बनाने की घोषणा की थी। एचपीपीसीएल ने पिछले साल प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की। करीब सौ करोड़ की लागत वाली परियोजना के लिए 6.46 हेक्टेयर वन भूमि की अंतिम मंजूरी पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से ली। 2014 में सरकार ने प्रोजेक्ट की 20 प्रतिशत इक्विटी के रूप में मंजूरी दे दी।
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बाकी 80 फीसदी हिस्सेदारी को एचपीपीसीएल ने फ्रेंच विकास एजेंसी और जर्मन विकास बैंक से संपर्क किया। कार्पोरेशन को उम्मीद थी कि एक संस्था प्रोजेक्ट को वित्तपोषण करने के लिए मंजूरी देगी, लेकिन दोनों एजेंसियों ने मना कर दिया। अब एचपीपीसीएल ने भारत सरकार के आर्थिक मामलों विभाग को परियोजना के वित्तपोषण के लिए ब्रिक्स विकास बैंक तथा अन्य वित्तीय एजेंसियों से मामला उठाने की गुहार लगाई है।
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6.40 हेक्टेयर भूमि की एफआरए क्लीयरेंस का इंतजार-
सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कराने के बाद एचपीपीसीएल ने प्रोजेक्ट का री असेसमेंट कराया। कंपनी ने 5 मेगावाट की क्षमता के पार्क के लिए भूमि को अपर्याप्त बताया। आनन फानन में एचपीपीसीएल ने अतिरिक्त 6.40 हेक्टेयर भूमि का चयन कर फॉरेस्ट राइट एक्ट प्रमाण पत्र हासिल कर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से फिर से मंजूरी की कार्रवाई शुरू कर दी।


5.6 केडब्लयूएच प्रति मीटर स्क्वायर है सौर विकिरण-
परियोजना जिस क्षेत्र में स्थापित करनी है, वहां सूर्य विकिरण 5.6 केडब्लयूएच प्रति मीटर स्क्वायर है। इंफो इलेक्ट्रानिक्स सिस्टम इंडिया लिमिटेड कंपनी ने पाइरैनोमीटर लगाकर सौर विकिरण मापा था। साथ ही हिमालयन अध्ययन संस्थान ने पर्यावरण एवं सोशल इंपैक्ट असेसमेंट और एनवायर्नमेंट एंड सोशल मैनेजमेंट प्लान का अध्ययन किया था।

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