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हिमाचल में अंगदान का पहला सफल ऑपरेशन, 20 वर्षीय युवक की आंखें और गुर्दे आएंगे जरूरतमंद के काम
Sat, 12 Mar 2022 10:16 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 12 Mar 2022 10:16 PM IST
सार
टांडा अस्पताल के एमएस डॉ. मोहन सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में अंगदान का पहला ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा है। ऑपरेशन के तुरंत बाद इन अंगों को पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया है।
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डॉक्टरों की टीम।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
चिकित्सा क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। टांडा मेडिकल कॉलेज में अंगदान का पहला सफल ऑपरेशन किया गया। पीजीआई चंडीगढ़ के डॉ. आशीष शर्मा के नेतृत्व वाली टीम ने करीब सवा दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सफल ऑपरेशन किया। इस टीम में पीजीआई चंडीगढ़ से चार डॉक्टर, टीमएसी से डॉ. राकेश, डॉ. भारती गुप्ता सहित चार डॉक्टर, नर्सें व अन्य स्टाफ शामिल रहा। इस ऑपरेशन में हटवास के 20 वर्षीय युवक के ब्रेन डेड के बाद आंखों और गुर्दों को सफलतापूर्वक निकाला गया।
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टांडा अस्पताल के एमएस डॉ. मोहन सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में अंगदान का पहला ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा है। ऑपरेशन के तुरंत बाद इन अंगों को पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया है। पीजीआई चंडीगढ़ में जरूरतमंद व्यक्तियों को ये अंग दान किए जाने हैं। इन अंगों को ऑपरेशन के 12 घंटों के भीतर प्रत्यारोपित कर दिया जाएगा। अस्पताल प्रशासन ने अंगदान करने वाले युवक के परिवार के हौसले की सराहना की है।
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ब्रेन डेड होने पर किया था अंगदान
डीएसपी पालमपुर गुरचरण सिंह ने बताया कि दो दिन पहले हटवास के बीस वर्षीय युवक का दोपहिया वाहन डाढ़ के पास स्किड हो गया था। इसके बाद युवक को उपचार के लिए डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया, लेकिन परिजन लुधियाना ले गए। लुधियाना में भी उसकी गंभीर हालत देखते हुए टांडा भेज दिया, जहां डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। टांडा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भानू अवस्थी ने बताया कि युवक के ब्रेन डेड के बाद परिजनों की सहमति से अंगदान के लिए ऑपरेशन किया गया है।
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