AIIMS Bilaspur: एम्स में ब्रैकीथेरेपी प्रक्रिया से पहली बार सर्वाइकल कैंसर पीड़िता का किया सफल उपचार
धर्मशाला निवासी 71 वर्षीय महिला को जांच के बाद पहले एक्सटर्नल बीम रेडियोथेरेपी दी गई। इस प्रक्रिया को इस माह के पहले सप्ताह में पूरा किया।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर ने पहली बार ब्रैकीथेरेपी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। संस्थान में सर्वाइकल कैंसर से ग्रसित महिला का सफल उपचार किया गया। धर्मशाला निवासी 71 वर्षीय महिला को जांच के बाद पहले एक्सटर्नल बीम रेडियोथेरेपी दी गई। इस प्रक्रिया को इस माह के पहले सप्ताह में पूरा किया। इसके बाद उनकी स्थिति जांच कर ब्रैकीथेरेपी की प्रक्रिया पूरी की गई। ब्रैकीथेरेपी एक विशेष प्रकार की रेडिएशन थेरेपी है। इसमें रेडियोधर्मी स्रोत को सीधे ट्यूमर के अंदर या उसके पास रखा जाता है। इससे रेडिएशन केवल कैंसरग्रस्त ऊतकों पर केंद्रित होता है। स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान होता है। यह तकनीक सर्वाइकल कैंसर के अलावा सिर और गर्दन, स्तन, अन्नप्रणाली, प्रोस्टेट और सॉफ्ट टिशू सार्कोमा के इलाज में भी प्रभावी है।
एम्स में इस प्रक्रिया को रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की टीम ने पूरा दिया। इस टीम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका ठाकुर, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निकेता ठाकुर और सीनियर रेजिडेंट डॉ. हार्दिक शर्मा शामिल रहे। एनेस्थीसिया विभाग की एडिशनल प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. विजयलक्ष्मी ने भी इसमें पूरा योगदान दिया। इस प्रक्रिया के बाद मरीज को हाई डोज रेट फ्लेक्स्ट्रॉन मशीन और इरिडियम 192 आइसोटोप के माध्यम से लक्षित विकिरण दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि यह अत्याधुनिक तकनीक कैंसर के प्रभावी उपचार में सहायक साबित हो रही है।