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मुख्य निर्वाचन आयुक्त के फैसलों की स्वतंत्र जांच हो : कांग्रेस
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ब्लॉक कांग्रेस घुमारवीं ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
एसआईआर में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने से जुड़े निर्णयों की समीक्षा करें
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी घुमारवीं ने एसडीएम कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए निर्णयों की स्वतंत्र जांच करवाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने तथा निर्वाचन आयोग के सूचना प्रौद्योगिकी तंत्र के केंद्रीकरण से जुड़े फैसलों को लेकर सवाल उठाए।
ज्ञापन में कांग्रेस ने दावा किया कि पिछले दस महीनों के दौरान दो निर्वाचन आयुक्तों ने कई मौकों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कुछ निर्णयों को लेकर औपचारिक आपत्तियां दर्ज करवाई हैं। पार्टी ने कहा कि इन आपत्तियों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और संबंधित निर्णयों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच जरूरी है।
कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ लगाए आरोपों की कानून के अनुसार जांच करवाने की मांग की। पार्टी ने उनके कार्यकाल में लिए गए प्रमुख निर्णयों की व्यापक और स्वतंत्र समीक्षा करवाने का आग्रह भी किया।
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एसआईआर से किए बदलाव की जांच करें
कांग्रेस ने विशेष रूप से एसआईआर के दौरान मतदाता सूचियों में किए बदलावों की स्वतंत्र जांच की मांग की। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने से जुड़े निर्णयों की पारदर्शी समीक्षा होनी चाहिए, ताकि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का विश्वास कायम रहे। ज्ञापन में एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर दो निर्वाचन आयुक्तों की कथित आपत्तियों का भी उल्लेख किया गया।
ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोपरि है। निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए संवैधानिक संस्था है, इसलिए उसकी कार्यप्रणाली को लेकर उठने वाले सवालों का स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से समाधान होना चाहिए।
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एसआईआर में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने से जुड़े निर्णयों की समीक्षा करें
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी घुमारवीं ने एसडीएम कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए निर्णयों की स्वतंत्र जांच करवाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने तथा निर्वाचन आयोग के सूचना प्रौद्योगिकी तंत्र के केंद्रीकरण से जुड़े फैसलों को लेकर सवाल उठाए।
ज्ञापन में कांग्रेस ने दावा किया कि पिछले दस महीनों के दौरान दो निर्वाचन आयुक्तों ने कई मौकों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कुछ निर्णयों को लेकर औपचारिक आपत्तियां दर्ज करवाई हैं। पार्टी ने कहा कि इन आपत्तियों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और संबंधित निर्णयों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच जरूरी है।
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कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ लगाए आरोपों की कानून के अनुसार जांच करवाने की मांग की। पार्टी ने उनके कार्यकाल में लिए गए प्रमुख निर्णयों की व्यापक और स्वतंत्र समीक्षा करवाने का आग्रह भी किया।
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एसआईआर से किए बदलाव की जांच करें
कांग्रेस ने विशेष रूप से एसआईआर के दौरान मतदाता सूचियों में किए बदलावों की स्वतंत्र जांच की मांग की। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने से जुड़े निर्णयों की पारदर्शी समीक्षा होनी चाहिए, ताकि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का विश्वास कायम रहे। ज्ञापन में एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर दो निर्वाचन आयुक्तों की कथित आपत्तियों का भी उल्लेख किया गया।
ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोपरि है। निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए संवैधानिक संस्था है, इसलिए उसकी कार्यप्रणाली को लेकर उठने वाले सवालों का स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से समाधान होना चाहिए।