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Shimla News: जिले में दो घंटे चला सकेंगे पटाखे, आज शाम दो बजे के बाद नहीं चलेंगी बसें
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दिवाली पर बाजारों में रौनक, खरीदारी को उमड़े लोग
पुलिस-अग्निशमन विभाग अलर्ट पर, स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां पूरी
कंट्रोल रूम रहेंगे एक्टिव, कॉल मिलते ही टीम मौके पर होगी रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले भर में दिवाली पर लोग रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जला सकेंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा दिवाली को लेकर सोमवार को शाम दो बजे के बाद बस सेवाएं बंद रहेंगी। दिवाली को लेकर सभी विभागों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पतालों में डॉक्टर ऑन कॉल उपलब्ध रहेंगे।
दिवाली को लेकर बाजारों में रौनक है। घर और बाजार सज गए हैं। इस दौरान लोगों को केवल दो घंटे ही पटाखे चलाने की अनुमति रहेगी। शहर से लेकर ग्रामीण कस्बों के बाजार दिवाली के लिए सजे हुए हैं। त्योहार की खुशी में लोगों ने अपने घरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और अन्य सजावटी सामान से सजाया है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, दमकल और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां भी पूरी हैं। दिवाली पर अग्निकांड जैसी घटनाओं से निपटने के लिए दमकल विभाग अलर्ट पर है। जिले में दिवाली पर दो बजे के बाद बसें नहीं चलेंगी। लोकल रूट पर स्थानीय चालक और परिचालकों को तैनात किया जाएगा। मंगलवार को विश्वकर्मा दिवस पर भी परिवहन निगम की बसें सुबह देरी से चलेंगी।
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एम्स बिलासपुर में भी दिवाली को लेकर उचित प्रबंध किए गए हैं। एम्स कुलपति डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से भी गश्त बढ़ाई गई है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
जिले भर में त्योहार को लेकर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बताया कि सभी थानों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिक शोर पैदा करने वाले पटाखे प्रतिबंधित
जिला दंडाधिकारी राहुल कुमार ने जिले में पटाखों के उपयोग को शर्तों और नियमों के तहत प्रतिबंधित किया है। यह आदेश 21 अक्तूबर तक प्रभावी रहेंगे। आदेशों के अनुसार अत्यधिक शोर पैदा करने वाले पटाखों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 125 डीबी (एआई) अथवा 145 डीबी (सी) पीक की सीमा से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखे निषिद्ध होंगे। इसके अलावा शृंखलाबद्ध (लड़ी) पटाखों की स्थिति में शोर सीमा में 5 एलओजी 10 (एन) डीबी की कटौती अनिवार्य होगी। अस्पताल, शिक्षण संस्थान, न्यायालय एवं धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में पटाखों का उपयोग सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा। घनी आबादी और अग्नि आशंकित क्षेत्रों में भी आतिशबाजी पर रोक लगाई गई है।
दमकल विभाग की तैयारी पूरी
जिलेभर में फायर चौकियों पर पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती कर दी है। साथ ही दमकल वाहन और आवश्यक उपकरणों को 24 घंटे के लिए तैयार रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। बिलासपुर, घुमारवीं, श्री नयना देवी जी और झंडूता फायर चौकियों में 79 फायर कर्मी तैनात किए हैं। ये कर्मी बारी-बारी से दिन-रात ड्यूटी देंगे।
आपात स्थिति में अतिरिक्त स्टाफ को भी तुरंत बुलाने की व्यवस्था की गई है। बिलासपुर शहर में 28 कर्मी, 3 ट्रक, 1 जीप और 1 मोटरसाइकिल, घुमारवीं चौकी में 14 कर्मी, 1 ट्रक और 1 जीप, श्री नयना देवी जी चौकी में 14 कर्मी, 1 ट्रक और 1 जीप, जबकि झंडूता सब स्टेशन में 23 कर्मी और 3 बड़े ट्रक तैनात किए गए हैं। सभी वाहन पानी से भरे हैं। आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचने के लिए तैयार हैं। दमकल विभाग ने आग बुझाने के लिए पानी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी हाइड्रेंट पॉइंट्स को सक्रिय कर दिया है। बिलासपुर शहर में 15, औद्योगिक क्षेत्र में 10, घुमारवीं में 6, झंडूता में 2 और श्री नयना देवी जी में 1 हाइड्रेंट सक्रिय हैं। शहर में पानी भरने के लिए 25 स्थानों की पहचान की गई है, ताकि किसी भी स्थिति में दमकल वाहनों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
पटाखे जलाते वक्त ये सावधानी जरूरी
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल पूरी तरह से तैयार है। बिलासपुर अस्पताल के एमएस एके सिंह ने बताया कि सभी चिकित्सकों और स्टाफ को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों से अपील है कि पटाखे जलाते समय पूरी सावधानी बरतें। सूखी घास, बिजली के तार या गैस सिलिंडरों के पास आतिशबाजी न करें। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
खुले स्थान पर ही पटाखे जलाएं। घरों, वाहनों और ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रहें। पास में पानी की बाल्टी या रेत रखें ताकि आकस्मिक आग बुझाई जा सके। सूती कपड़े पहनें, सिंथेटिक कपड़ों से बचें। बच्चों को पटाखे जलाते समय हमेशा व्यस्कों की देखरेख में रखें और पटाखा जलाने के बाद तुरंत दूरी बना लें।
अग्निकांड या दुर्घटना में करें संपर्क
बिलासपुर : 101, 01978-222227
झंडूता: 01978-272001
श्री नयना देवी जी: 01978-288060
घुमारवीं: 01978-254100
दिवाली में सभी कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे और कॉल मिलते ही टीमें मौके पर रवाना हो जाएंगी।
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पुलिस-अग्निशमन विभाग अलर्ट पर, स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां पूरी
कंट्रोल रूम रहेंगे एक्टिव, कॉल मिलते ही टीम मौके पर होगी रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले भर में दिवाली पर लोग रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जला सकेंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा दिवाली को लेकर सोमवार को शाम दो बजे के बाद बस सेवाएं बंद रहेंगी। दिवाली को लेकर सभी विभागों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पतालों में डॉक्टर ऑन कॉल उपलब्ध रहेंगे।
दिवाली को लेकर बाजारों में रौनक है। घर और बाजार सज गए हैं। इस दौरान लोगों को केवल दो घंटे ही पटाखे चलाने की अनुमति रहेगी। शहर से लेकर ग्रामीण कस्बों के बाजार दिवाली के लिए सजे हुए हैं। त्योहार की खुशी में लोगों ने अपने घरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और अन्य सजावटी सामान से सजाया है।
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आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, दमकल और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां भी पूरी हैं। दिवाली पर अग्निकांड जैसी घटनाओं से निपटने के लिए दमकल विभाग अलर्ट पर है। जिले में दिवाली पर दो बजे के बाद बसें नहीं चलेंगी। लोकल रूट पर स्थानीय चालक और परिचालकों को तैनात किया जाएगा। मंगलवार को विश्वकर्मा दिवस पर भी परिवहन निगम की बसें सुबह देरी से चलेंगी।
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एम्स बिलासपुर में भी दिवाली को लेकर उचित प्रबंध किए गए हैं। एम्स कुलपति डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से भी गश्त बढ़ाई गई है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
जिले भर में त्योहार को लेकर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बताया कि सभी थानों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिक शोर पैदा करने वाले पटाखे प्रतिबंधित
जिला दंडाधिकारी राहुल कुमार ने जिले में पटाखों के उपयोग को शर्तों और नियमों के तहत प्रतिबंधित किया है। यह आदेश 21 अक्तूबर तक प्रभावी रहेंगे। आदेशों के अनुसार अत्यधिक शोर पैदा करने वाले पटाखों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 125 डीबी (एआई) अथवा 145 डीबी (सी) पीक की सीमा से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखे निषिद्ध होंगे। इसके अलावा शृंखलाबद्ध (लड़ी) पटाखों की स्थिति में शोर सीमा में 5 एलओजी 10 (एन) डीबी की कटौती अनिवार्य होगी। अस्पताल, शिक्षण संस्थान, न्यायालय एवं धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में पटाखों का उपयोग सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा। घनी आबादी और अग्नि आशंकित क्षेत्रों में भी आतिशबाजी पर रोक लगाई गई है।
दमकल विभाग की तैयारी पूरी
जिलेभर में फायर चौकियों पर पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती कर दी है। साथ ही दमकल वाहन और आवश्यक उपकरणों को 24 घंटे के लिए तैयार रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। बिलासपुर, घुमारवीं, श्री नयना देवी जी और झंडूता फायर चौकियों में 79 फायर कर्मी तैनात किए हैं। ये कर्मी बारी-बारी से दिन-रात ड्यूटी देंगे।
आपात स्थिति में अतिरिक्त स्टाफ को भी तुरंत बुलाने की व्यवस्था की गई है। बिलासपुर शहर में 28 कर्मी, 3 ट्रक, 1 जीप और 1 मोटरसाइकिल, घुमारवीं चौकी में 14 कर्मी, 1 ट्रक और 1 जीप, श्री नयना देवी जी चौकी में 14 कर्मी, 1 ट्रक और 1 जीप, जबकि झंडूता सब स्टेशन में 23 कर्मी और 3 बड़े ट्रक तैनात किए गए हैं। सभी वाहन पानी से भरे हैं। आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचने के लिए तैयार हैं। दमकल विभाग ने आग बुझाने के लिए पानी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी हाइड्रेंट पॉइंट्स को सक्रिय कर दिया है। बिलासपुर शहर में 15, औद्योगिक क्षेत्र में 10, घुमारवीं में 6, झंडूता में 2 और श्री नयना देवी जी में 1 हाइड्रेंट सक्रिय हैं। शहर में पानी भरने के लिए 25 स्थानों की पहचान की गई है, ताकि किसी भी स्थिति में दमकल वाहनों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
पटाखे जलाते वक्त ये सावधानी जरूरी
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल पूरी तरह से तैयार है। बिलासपुर अस्पताल के एमएस एके सिंह ने बताया कि सभी चिकित्सकों और स्टाफ को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों से अपील है कि पटाखे जलाते समय पूरी सावधानी बरतें। सूखी घास, बिजली के तार या गैस सिलिंडरों के पास आतिशबाजी न करें। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
खुले स्थान पर ही पटाखे जलाएं। घरों, वाहनों और ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रहें। पास में पानी की बाल्टी या रेत रखें ताकि आकस्मिक आग बुझाई जा सके। सूती कपड़े पहनें, सिंथेटिक कपड़ों से बचें। बच्चों को पटाखे जलाते समय हमेशा व्यस्कों की देखरेख में रखें और पटाखा जलाने के बाद तुरंत दूरी बना लें।
अग्निकांड या दुर्घटना में करें संपर्क
बिलासपुर : 101, 01978-222227
झंडूता: 01978-272001
श्री नयना देवी जी: 01978-288060
घुमारवीं: 01978-254100
दिवाली में सभी कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे और कॉल मिलते ही टीमें मौके पर रवाना हो जाएंगी।