आपराधिक मामलों में फंसे शिक्षकों की अब खैर नहीं, 15 जून तक दी मोहलत
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हिमाचल में आपराधिक मामलों में फंसे शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों के खिलाफ दो दिन के भीतर एफआईआर दर्ज होगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जांच अधिकारियों को वर्षों से लंबित करीब 50 आपराधिक मामलों में 15 जून तक एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए हैं।
शिक्षा सचिव डॉ. अरुण शर्मा की सख्ती के बाद बुधवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरदेव ने जिला उपनिदेशकों, कॉलेज प्रिंसिपलों और जांच अधिकारियों को ऐसे तमाम मामलों को दैनिक आधार पर सुनवाई करते हुए 20 जून तक निपटाने को कहा है। मामले लटकाने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।
ऐसे आरोपियों की सूची मांगी
शिक्षा विभाग में बीते कई वर्षों से विभागीय जांच के तहत 225 मामले लंबित हैं। कई मामलों की जांच की फाइलें आज भी ऐसे अधिकारियों के नाम पर हैं, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं। विभाग में अभी तक रहे किसी भी अधिकारी ने इन मामलों को निपटाने के लिए कोई कदम तक नहीं उठाया।
इस पर शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने कड़ा नोटिस लिया है। शिक्षा सचिव की सख्ती के बाद बुधवार को शिक्षा निदेशक ने करीब 50 आपराधिक मामलों में 15 जून तक एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए हैं। इस बाबत निदेशालय को रिपोर्ट देने को भी कहा गया है।
ऐसे आरोपियों की सूची मांगी- निदेशालय ने वित्तीय अनियमितताओं, पोक्सो एक्ट और कार्य क्षेत्र में यौन उत्पीड़न के मामलों में आरोपियों की सूची मांगी है। निदेशक ने बताया कि जांच का सामना कर रहे कर्मचारी अगर उसी कार्यालय में कार्यरत हैं, तो उनके तबादले किए जाएंगे।