फर्जी हस्ताक्षर कर फंड निकालने पर फंसे हेडमास्टर, होगी एफआईआर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी फंड के कथित गलत इस्तेमाल एवं अनियमितताएं बरतने के एक मामले में तत्कालीन मुख्य शिक्षक (जेबीटी) पर जांच की तलवार लटक गई है। मामले में एसएमसी पदाधिकारियों और ग्रामीणों की शिकायत के बाद सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। सरकार ने न केवल जांच अधिकारी को लताड़ लगाई है, बल्कि मुख्य शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के भी निर्देश दिए हैं।
मामला शिलाई की नाया पंचायत के प्राथमिक स्कूल धकोली से जुड़ा है। साल 2012-13 में एसएसए रमसा फंड से बिना एसएमसी प्रधान की सहमति से फर्जी हस्ताक्षर कर दो लाख रुपये की राशि निकालने के आरोप में शिक्षक पर जांच बैठाई गई है। इस राशि से स्थानीय स्कूल में दो कमरों का निर्माण किया जाना था। हालांकि, उस दौरान जब इस मसले पर विवाद हुआ तो आरोपी शिक्षक ने यह बात स्वीकार भी की।
जब स्कूल भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो इसमें भी सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगे। निर्माण सामग्री के बिल और बाउचर आदि में कटिंग व ओवर राइटिंग किए जाने पर बवाल हुआ। सरकार और विभाग को भेजी शिकायत के बाद सरकार ने एक बार फिर मामले की जांच बैठाई है। मामले की जांच के लिए तैनात अधिकारी के माध्यम से जब रिपोर्ट भेजी गई तो सरकार ने रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए।
सूत्रों के अनुसार इस मामले में शिक्षा सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया है। सरकार के शिक्षा सचिव ने आईएसएसई के जिला परियोजना अधिकारी को भेजे पत्र में तीन बिंदुओं पर जल्द इसका जवाब भेजने के निर्देश दिए हैं। पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि आरोपी के खिलाफ क्रिमिनल एक्शन पर दर्ज एफआईआर की प्रति सरकार को भेजी जाए।
जांच में की गई लीपापोती से भी सरकार संतुष्ट नहीं है। वहीं, जांच अधिकारी को ट्रेनिंग कोर्स करवाकर ट्रेंड करने के भी निर्देश दिए हैं। मामले में तत्कालीन शिक्षा उपनिदेशक और कार्यालय के डीलिंग हैंड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी शिक्षक अब शिलाई के ही एक अन्य स्कूल में सेवाएं दे रहा है।
मामला संज्ञान में आया है। इस मसले पर जल्द ही सरकार की ओर से हुए निर्देशों पर कार्रवाई की जाएगी। - दिलीप सिंह नेगी, ओएसडी, प्रारंभिक शिक्षा सिरमौर
शिक्षक पर एफआईआर कराने के मिले निर्देश
शिक्षा सचिव से आरोपी शिक्षक पर एफआईआर कराने के निर्देश हुए हैं। मामला काफी पुराना है। रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पहले भी मामले की जांच हुई है। फिर से मामले की जांच चल रही है। - मुरली मनोहर गुप्ता, जिला परियोजना अधिकारी एवं प्रिंसिपल डाइट